Life affected due to heavy rains in Delhi-NCR
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    नयी दिल्ली. भारी बारिश (Heavy Rain) से बेहाल महाराष्ट्र (Maharashtra) और गोवा (Goa) को आने वाले दिनों में इससे राहत मिलने की उम्मीद है क्योंकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) (IMD) ने शनिवार को कहा कि देश के पश्चिमी तटीय इलाकों में मानसून (Monsoon) के कमजोर पड़ने की संभावना है। आईएमडी ने हालांकि मध्य प्रदेश के 24 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

    सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले तीन दिनों में महाराष्ट्र के पुणे और कोंकण संभाग में हुई मूसलाधार बारिश और कुछ इलाकों में हुए भूस्खलन के कारण मरने वालों की संख्या शनिवार को बढ़कर 112 हो गई। इसमें 52 लोगों की मौत तटीय रायगढ़ जिले में हुई है। इसके अलावा, कर्नाटक में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने और भूस्खलन की वजह से नौ लोगों की मौत हो गई है जबकि तीन लोग लापता हैं। मध्य प्रदेश में बिजली गिरने की चार घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गयी और 18 अन्य घायल हो गए।

    आईएमडी के मुताबिक गुजरात में 27 जुलाई तक मानसून काफी सक्रिय रहने वाला है, जिसके परिणामस्वरूप कई इलाकों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है जबकि राज्य के कुछ हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है। गोवा में एक ट्रेन के पटरी से उतरने के अलावा गोवा-कर्नाटक सीमा पर भूस्खलन की दो घटनाओं के एक दिन बाद शनिवार को लगातार दूसरे दिन भी दक्षिण पश्चिम रेलवे (एसडब्ल्यूआर) मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा।

    इस बीच, देश के उत्तरी हिस्सों में दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में तापमान सामान्य के आस-पास ही रहा, जबकि उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में दिन में हल्की से मध्यम बारिश हुई। राष्ट्रीय राजधानी में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जोकि सामान्य से एक डिग्री अधिक है। दिल्ली में न्यूनतम 27.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहर में सापेक्षिक आर्द्रता 71 फीसदी से 83 फीसदी के बीच रही।

    मौसम विभाग ने दिल्ली में रविवार को हल्की बारिश अथवा बूंदाबांदी के साथ आसमान में बादल छाए रहने की संभावना जताई है। जबकि 26 जुलाई के लिए दिल्ली में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर प्रदेश में शनिवार को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई और गरज के साथ बौछारें पड़ीं, राज्य के पूर्वी हिस्से में छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश हुई। रविवार को भी राज्य में कुछ ऐसी ही स्थिति बनी रहने का अनुमान है।

    राजस्थान में भी कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई और राज्य के पूर्वी हिस्से में 27 जुलाई तक बारिश होने की संभावना है। जयपुर स्थित मौसम विभाग कार्यालय ने कहा कि झालावाड़ के पिरावा में पिछले 24 घंटे की अवधि में 21 सेंटीमीटर रिकॉर्ड अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई। पीपलदा (कोटा) और मलसीसर (झुंझुनू) में समान अवधि के दौरान आठ-आठ सेमी बारिश हुई। पंजाब और हरियाणा में अधिकतम तापमान सामान्य के करीब रहा, जबकि कुछ स्थानों पर बारिश हुई।

    हरियाणा के अंबाला में अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस, हिसार में 37.3 डिग्री सेल्सियस और गुरुग्राम में 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोनों प्रदेशों की राजधानी चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    आईएमडी ने अपने पूर्वानुमान में कहा कि 25 जुलाई से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों और पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश की गतिविधि बढ़ जाएगी। विभाग ने कहा, “25-28 जुलाई के दौरान उत्तराखंड में कहीं-कहीं भारी से अत्यधिक भारी वर्षा के साथ व्यापक रूप से बारिश होने की संभावना है।” आईएमडी ने कहा कि 26-28 जुलाई के दौरान हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पश्चिम उत्तर प्रदेश में भारी बारिश होने की उम्मीद है जबकि 27 और 28 जुलाई को पंजाब और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश होने की संभावना है। 27 और 28 जुलाई को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी भारी बारिश की संभावना है।

    आईएमडी ने कहा, “अगले 24 घंटे के दौरान कोंकण, गोवा और आस-पास के आंतरिक महाराष्ट्र सहित पश्चिमी तट पर वर्षा की तीव्रता में और कमी आने की संभावना है।” महाराष्ट्र में, 1,35,313 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जिसमें सांगली जिले में 78,111 और कोल्हापुर जिले में 40,882 लोग शामिल हैं। सांगली में कृष्णा नदी और कोल्हापुर में पंचगंगा नदी में बाढ़ आ गयी है। रायगढ़ जिले के तलाई गांव में हुए भूस्खलन की जगह से अब तक 41 शव बरामद किए गए हैं। कुछ लोग अभी भी लापता हैं।

    कर्नाटक में निचले इलाकों से 31,360 लोगों को निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि 22,417 लोग 237 राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, 45 तालुकों के 283 गांवों में बारिश हुई है, जिससे 36,498 की आबादी प्रभावित हुई है।

    आईएमडी के मुताबिक मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सतना, अनूपपुर, उमराई, डिंडोरी, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, विदिशा, सीहोर,राजगढ़, बैतूल, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, धार, देवास, आगर मालवा, अशोक नगर और शिवपुरी जिले में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। (एजेंसी)