Vikramaditya withdrew his resignation

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शिमला: हिमाचल प्रदेश में जारी सियासी बवाल (Himachal Political Crisis) के बीच कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह (Vikramaditya Singh) ने बुधवार (28 फरवरी) को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। लेकिन, शाम तक उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया। ऐसे में माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (Sukhwinder Singh Sukkhu) ने विक्रमादित्य को मना लिया है।

जानकारी के लिए बता दें कि सुक्खू सरकार में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बुधवार सुबह ही अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की थी।  उन्होंने कहा था कि वह मुख्यमंत्री व राज्यपाल को त्यागपत्र सौंपेंगे। इस दौरान उन्होंने कहा, ”मुझे अपमानित और कमजोर करने की कोशिश की गई लेकिन आपत्तियों के बावजूद मैंने सरकार का समर्थन किया।” 

हिमाचल में जारी घमासान के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (CM Sukhvinder Singh Sukhu) के भी इस्तीफे कि चर्चा बनी हुई थी। जिसे खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि मेरे इस्तीफे की चर्चा महज अफवाह है। हमारी सरकार पांच साल पूरा करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि विक्रमादित्य सिंह मेरे छोटे भाई हैं, उन्हें मना लेंगे। उनका त्यागपत्र नहीं स्वीकारा जाएगा। 

आज सुबह कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य विधानसभा परिसर में पहुंचे और पत्रकारों से बातचीत में कहा कि त्यागपत्र के बाद भी वह पार्टी में बने रहेंगे और समर्थकों के साथ विचार-विमर्श कर भविष्य की राजनीति तय करेंगे। विक्रमादित्य सिंह ने कहा, ”कांग्रेस पार्टी ने लोगों से वादे किए थे और उन वादों को पूरा करने की जिम्मेदारी हमारी है और मैं अपने समर्थकों से सलाह करने के बाद अपनी आगे की रणनीति तय करूंगा।”  उन्होंने कहा कि उनके विभाग में बेवजह दखल कर प्रताड़ित करने का प्रयास किया गया। सब जान बूझकर किया है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।