वायुसेना प्रमुख भदौरिया की चीन को नसीहत, भारत के साथ लड़ाई उसके लिए सही नहीं

नई दिल्ली: भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) प्रमुख आर.के.एस.भदौरिया (RKS Bhadauriya) ने चीन (China) को नसीहत दी है। उन्होंने कहा, “भारत-चीन (India-China) के बीच गंभीर संघर्ष वैश्विक दृष्टि से चीन के लिए सही नहीं है। अगर उसे दुनिया की महाशक्ति बनना है तो यह उसके लिए ठीक नहीं है। उन्होंने आगे कहा, “उत्तर में उनकी कार्रवाई के लिए चीनी उद्देश्य क्या हो सकते हैं?… यह ज्यादा महत्वपूर्ण है की हमें पता है की उसने क्या हासिल किया है।” शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बोलते हुए उन्होंने यह बात कही।  

विकसित अस्थिरता ने बढ़ने का दिया मौका 

वैश्विक भू-राजनीतिक मोर्चे पर विकसित अनिश्चितताओं और अस्थिरता ने चीन को अपनी बढ़ती शक्ति का प्रदर्शन करने का अवसर प्रदान किया है और अप्रत्यक्ष रूप से यह वैश्विक सुरक्षा के लिए प्रमुख शक्तियों के अपर्याप्त योगदान को भी सामने लाया है।”

पाकिस्तान चीन का मोहरा बना 

वायु प्रमुख ने कहा, “पाकिस्तान (Pakistan) तेजी से चीनी नीति का मोहरा बन गया है, बढ़ते CPEC से संबंधित ऋण जाल के तहत भविष्य में आगे सैन्य निर्भरता होगी। अफग़ानिस्तान (Afghanistan) से अमेरिका (America) के बाहर निकलने के बाद क्षेत्र में चीन के लिए प्रत्यक्ष और पाकिस्तान की तरफ से रास्ते खुल गए हैं।”

नई टेक्नोलॉजी के माध्यम से हुए मजबूत 

भदौरिया ने कहा, “देश की छोटी कंपनियाँ और बाहर की कंपनियों के साथ ड्रोन जैसे सरल विघटनकारी प्रौद्योगिकियों की कम लागत और आसान उपलब्धता ने उन्हें अधिक घातक, चुस्त और प्रतिकूल प्रभाव पैदा करने में सक्षम बना दिया है।”

एलएसी पर भारत की मौजूदी मजबूत 

एलएसी पर चीन की सैनिकों के तैनाती को लेकर भदौरिया ने कहा, “चीन ने अपनी सेना के समर्थन में एलएसी पर भारी गोला बारूद तैनात किया है। उनके पास रडार, सतह से हवा में मिसाइल और सतह से सतह पर मिसाइल की बड़ी मौजूदगी है। उनकी तैनाती मजबूत रही है। जिसको देखते हुए हमने सभी आवश्यक कदम उठाए हैं।”