16,862 new corona cases surfaced in India, lowest number of patients under treatment for covid-19 in 216 days on Oct 15
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    नयी दिल्ली. भारत (India) में कोरोना वायरस (Corona) संक्रमण के 28,326 नए मामले आने से संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 3,36,52,745 हो गयी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के रविवार को सुबह आठ बजे तक अद्यतन आंकड़ों के अनुसार 260 और मरीजों की मौत होने से कोविड-19 से मरने वालों की संख्या बढ़कर 4,46,918 हो गयी है।

    मंत्रालय की ओर से बताया गया कि उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 3,03,476 हो गई है जो संक्रमण के कुल मामलों का 0.90 प्रतिशत है जबकि कोविड-19 से स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर 97.77 प्रतिशत है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 2,034 की वृद्धि हुई है। संक्रमण की दैनिक दर 1.90 प्रतिशत दर्ज की गई जो बीते 27 दिन से तीन प्रतिशत से कम बनी हुई है जबकि साप्ताहिक संक्रमण दर 1.98 प्रतिशत दर्ज की गयी।

    साप्ताहिक संक्रमण दर पिछले 93 दिन से तीन प्रतिशत से कम है। मंत्रालय ने बताया कि इस बीमारी से उबरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 3,29,02,351 हो गयी है और मृत्यु दर 1.33 प्रतिशत है। देश में अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 85.60 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं। देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे।

    देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे। आंकड़ों के अनुसार, जिन 260 और मरीजों ने जान गंवाई है, उनमें से 120 लोगों की मौत केरल में और 58 की मौत महाराष्ट्र में हुई। अभी तक देश में इस महामारी से 4,46,918 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 1,38,834 लोगों की मौत महाराष्ट्र में, 37,717 की कर्नाटक, 35,476 की तमिलनाडु, 25,085 की दिल्ली, 24,438 की केरल, 22,890 की उत्तर प्रदेश और 18,727 लोगों की मौत पश्चिम बंगाल में हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर कहा कि उसके आंकड़ों का भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।