PM Modi

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उधमपुर: जम्मू और कश्मीर (Jammu Kashmir ) के कठुआ की एक स्कूली छात्रा सीरत नाज़ ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi) से अपने स्कूल को गंभीर संकट से निकालने और अपने और अपने साथियों के लिए बेहतर सीखने का माहौल और बुनियादी ढांचा सुनिश्चित करने का आग्रह किया था। उसका यह वीडियो काफी वायरल हुआ था। जिससे प्रेरणा लेते हुए उधमपुर जिले में एक ‘दिव्यांग’ लड़की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अच्छी सड़कें बनाने का आग्रह किया है। 

पीएम मोदी को लिखा पत्र

प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में युवती ने अपना नाम काजल बताया है। युवती ने प्रधान मंत्री मोदी को पत्र लिखकर जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में उसके स्कूल तक जाने वाली बेहतर सड़कें बनाने का आग्रह किया है। काजल ने अपने पत्र में कहा कि वह मेल्डी के सरकारी मिडिल स्कूल में छठी कक्षा में पढ़ती है, जो उधमपुर जिले के फंग्याल पंचायत के प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र में आता है। 

पत्र में साझा किया दुःख 

पीएम मोदी को लिखे अपने पत्र में काजल ने अपनी और स्कूल में अपने दोस्तों की रोजमर्रा की तकलीफों को साझा किया है। उन्होंने कहा कि संस्थान तक पहुंचने वाली एकमात्र सड़क की हालत ऐसी है कि वह इस पर आते-जाते समय कई बार गिर गई। काजल ने अपने पत्र में कहा, “मैं स्कूल जाते समय इस सड़क पर कई बार गिरी। सड़क की हालत ऐसी है कि मुझे और मेरे दोस्तों के लिए इस पर यात्रा करना किसी जोखिम से कम नहीं है। मैं आपसे (पीएम मोदी) से इसे बनाने का आग्रह करती हूं कि हमें स्कूल तक जाने के लिए बेहतर सड़कें मिलनी चाहिए।” 

सड़क की हालत का किया जिक्र 

देश के प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में काजल ने सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों की दुर्दशा पर ध्यान आकर्षित किया है। उसके स्कूल में कुल 101 छात्र हैं, जिनमें कई दिव्यांग भी हैं। उनके स्कूल जाने के लिए एकमात्र रास्ता है। हालांकि, उसकी हालत ऐसी है कि छात्रों को जोखिम उठाकर स्कूल जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

क्या बोले उधमपुर में सहायक जिला विकास आयुक्त 

किशोरी का पत्र वायरल होते ही उधमपुर में सहायक जिला विकास आयुक्त रणजीत सिंह कोटवाल ने काजल की दुर्दशा और स्कूल के लिए बेहतर सड़कों की उसकी बेताब अपील पर ध्यान दिया। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, कोटवाल ने कहा, “मैं अपने पत्र (पीएम मोदी को) के माध्यम से इस मामले को हमारे संज्ञान में लाने के लिए उन्हें धन्यवाद देता हूं। मैं डिप्टी कमिश्नर के साथ तत्काल चर्चा करूंगा और अपने विभाग या किसी अन्य के माध्यम से सभी सुविधाओं की व्यवस्था करूंगा।”  उन्होंने कहा, “मैं इस मामले को संबंधित अधिकारियों के साथ आगे बढ़ाऊंगा और सुनिश्चित करूंगा कि उनकी चिंताओं का जल्द से जल्द समाधान किया जाए।”