कांग्रेस में शामिल हुए कन्हैया कुमार, राहुल गांधी ने दिलाई पार्टी की सदस्यता; जिग्नेश मेवानी अभी नहीं हुए शामिल

    नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में भारत विरोधी नारे लगाने के आरोपी और सीपीआई-एम के नेता कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) मंगलवार को कांग्रेस (Congress) में शामिल हो गए। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कन्हैया को पार्टी की सदस्यता दिलाई। वहीं अभी गुजरात के वडनगर से निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी (Jignesh Mevani) अभी कांग्रेस में शामिल नहीं हुए हैं। 

    कांग्रेस के बिना नहीं रह सकते 

    कांग्रेस में शामिल होने के बाद कन्हैया ने कहा, “मैं कांग्रेस में शामिल हो रहा हूं क्योंकि यह सिर्फ एक पार्टी नहीं है, यह एक विचार है। यह देश की सबसे पुरानी और सबसे लोकतांत्रिक पार्टी है, और मैं ‘लोकतांत्रिक’ पर जोर दे रहा हूं… सिर्फ मैं ही नहीं कई लोग सोचते हैं कि देश कांग्रेस के बिना नहीं रह सकता…”

    कुमार ने आगे कहा, “कांग्रेस पार्टी एक बड़े जहाज की तरह है, अगर इसे बचाया जाता है, तो मेरा मानना ​​है कि कई लोगों की आकांक्षाएं, महात्मा गांधी की एकता, भगत सिंह की हिम्मत और बीआर अंबेडकर के समानता के विचार की भी रक्षा की जाएगी। इसलिए शामिल हुआ हूं।”

    भगत सिंह की मूर्ति पर चढ़ाई माला 

    कांग्रेस में शामिल होने के पहले तीनों नेता शहीदे आजम भगत सिंह की जयंती के मौके पर राजधानी दिल्ली के आईटीओ चौक पर इकठ्ठा हुए। जहां तीनों ने भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को माला पहनाई और श्रद्धांजलि दी। इसके बाद तीनों ने नेताओं ने एक दूसरे का हाथ पकड़कर हम साथ साथ हैं का सन्देश भी दिया।

    ज्ञात हो कि, कन्हैया कुमार में भगत सिंह की जयंती के दिन कांग्रेस में शामिल होने का अनुरोध किया था। जिसके बाद राहुल गांधी ने युवक कांग्रेस को सब तैयारी करने का आदेश दिया था। 

    मनीष तिवारी ने उठाए सवाल 

    कांग्रेस में कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवानी को शामिल करने को लेकर पार्टी में ही सवाल उठने लगे हैं। लुधियाना से सांसद और वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने दोनों के शामिल होने पर सवाल उठाया है। उन्होंने मंगलवार सुबह कम्युनिस्ट इन कांग्रेस किताब का लिंक शेयर करते हुए लिखा, “जैसा कि कुछ कम्युनिस्ट नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने के बारे में अटकलें हैं।

    उन्होंने लिखा, “1973 की पुस्तक ‘कम्युनिस्ट इन कांग्रेस’ कुमारमंगलम थीसिस पर फिर से विचार करना शायद शिक्षाप्रद हो सकता है। जितनी अधिक चीजें बदलती हैं, उतनी ही वे शायद वैसी ही रहती हैं। मैंने आज इसे फिर से पढ़ा।”

    फायदे से ज्यादा होगा नुकसान 

    कांग्रेस आलाकमान और राहुल गांधी भले ही कन्हैया कुमार के पार्टी में शामिल से गदगद है, लेकिन, कांग्रेस को कैडर इससे पूरी तरह इतर सोच रहा है। बिहार कांग्रेस के कई कांग्रेसी नेताओं ने इसे फायदे से ज्यादा नुकसान होने वाला निर्णय बताया है। नाम न छापने की तर्ज पर बिहार कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने कहा कि, “कन्हैया कुमार को पार्टी में शामिल करना न घातक होगा बल्कि, भाजपा सहित विपक्षी दलों को पार्टी पर हमला करने का बड़ा देना है। कुमार पर पहले ही जेएनयू में भारत विरोधी नारे लगाने का मामला चल रहा है, जिसको लेकर उसे गिरफ्तार भी किया गया था।”