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नई दिल्ली/कोलकाता: जहां एक तरफ जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय (Justice Abhijeet Gangopadhyay) ने बीते सोमवार को अदालत में कहा कि उन्होंने न्यायाधीश के रूप में अब अपना कार्य पूर्ण कर लिया है। वहीं वह आज यानी मंगलवार को अपना इस्तीफा देंगे और उसके बाद अपनी भविष्य की योजनाओं का खुलासा भी करेंगे। हालांकि कुछ वकीलों और वादियों ने उनसे कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में इस्तीफा देने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया था। 

दरअसल बीते सोमवार को अदालत कक्ष में अपने अंतिम दिन, उन्होंने 60 से अधिक मामलों की आंशिक सुनवाई की और एक आदेश पारित किया, जिसमें उन्होंने एक मामले को उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को संदर्भित किया। गौरतलब हियो कि जस्टिस गंगोपाध्याय ने रविवार को कहा था कि वह 5 मार्च को इस्तीफा दे देंगे। पश्चिम बंगाल में शिक्षा संबंधी विभिन्न मुद्दों पर उनके फैसलों ने राजनीतिक बहस छेड़ दी थी।  

हालंकि उन्होंने इस सवाल पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था कि क्या उनका राजनीति में प्रवेश करने का इरादा है। उन्होंने इस बाबत कहा था कि वह अपना इस्तीफा सौंपने के बाद ही मीडिया के सभी सवालों का जवाब दे सकेंगे। हालाँकि न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने कहा, ‘अगर मैं किसी राजनीतिक दल में शामिल होता हूं और वे मुझे नामांकित करते हैं, तो मैं निश्चित रूप से उस फैसले पर विचार करूंगा।’ उन्होंने संवाददाताओं से कहा था कि, ”मैं मंगलवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के पद से इस्तीफा दे दूंगा।” 

इस साल के अंत में सेवानिवृत्त होने वाले न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने कहा कि वह आज यानी मंगलवार 5 मार्च को पूर्वाह्न में राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंप देंगे। सूत्र की मानें तो जस्टिस गंगोपाध्याय आगामी गुरुवार तक BJP में शामिल हो सकते हैं और अंतिम समय में किसी भी बदलाव को छोड़कर तामलुक सीट के लिए BJP उन्हें लोकसभा टिकट दे सकती है। न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय के वर्तमान कार्यकाल के दौरान उनके कई आदेश बंगाल सरकार के खिलाफ भी गए हैं।