सिंघु बॉर्डर से टेंट हटाने का काम जारी (Photo Credits-ANI Twitter)
सिंघु बॉर्डर से टेंट हटाने का काम जारी (Photo Credits-ANI Twitter)

    नई दिल्ली: दिल्ली बॉर्डर (Delhi Border) पर जारी किसान आंदोलन (Kisan Andolan) 378 दिन बाद खत्म हो गया है।  किसान नेता का कहना है कि अहंकारी सरकार को झुकाकर जा रहे हैं। किसान नेताओं का कहना है कि यह मोर्चे का अंत नहीं है इसे सिर्फ स्थगित किया है। किसान आंदोलन के खत्म होने के ऐलान के साथ ही टेंट उखाड़ने और सामान समेटने का काम गुरुवार को ही शुरू हुआ था। जो आज भी जारी है।  

    ज्ञात हो कि समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया कि किसानों द्वारा कल आंदोलन खत्म करने की घोषणा के बाद सिंघू बॉर्डर से किसान अपने टेंट हटा रहे हैं। अगले महीने 15 तारीख को संयुक्त किसान मोर्चे की फिर बैठक होने वाले है। इसमें आंदोलन की समीक्षा की जाएगी। अब किसानों की तरफ से वापसी की तैयारियां शुरू हैं। 

    वहीं दूसरी तरफ आंदोलन की अगुवाई करने वाले पंजाब के 32 किसान संगठनों ने अपना पूरा कार्यक्रम वापस जाने के लिए बनाया है। जिसके तहत 11 दिसंबर को राजधानी दिल्ली से पंजाब के लिए फतेह मार्च निकाला जाएगा।  सिंघु और टिकरी बॉर्डर से एक साथ पंजाब के लिए किसान रवाना होंगे। हरियाणा के भी 28 किसान संगठनों ने भी अपनी अलग रणनीति बनाई हुई है।  

    उल्लेखनीय है कि किसानों की मांगो पर केंद्र की तरफ से कई मसलों पर सहमति बनने के बाद आंदोलन खत्म हुआ है। एमएसपी को लेकर केंद्र सरकार कमेटी बनाएगी। जिसमें संयुक्त किसान मोर्चे के प्रतिनिधि शामिल किये जाएंगे। अभी जिन फसलों पर एमएसपी मिल रही है वह जारी रहेगी। किसानों पर दर्ज मुकदमे को वापस लेने के लिए हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकार राजी हो गई है। दिल्ली और अन्य अन्य केंद्रशासित प्रदेशों के साथ रेलवे द्वारा दर्ज मामले भी तुरंत वापस होंगे। मुआवजा, बिजली बिल सहित अन्य मुद्दों पर भी किसानों और सरकार के बीच सहमति बनी है।