जानें मलयालम भाषा के मशहूर कवि अयप्पन से जुड़ी कुछ खास बातें

    नई दिल्ली : साहित्यकार हमारे बीच से हमेशा के लिए चले जाते है, लेकिन उनकी रचनाओं के माध्यम से वे सदा के लिए हम सभी से जुड़े रहते है। एक साहित्यकार न केवल रचना करता है बल्कि उन रचनाओं के जरिये अपने विचार लोगों के सामने रखता है। 

    साहित्यकरों की रचनाए इतनी प्रभावशाली होती है कि वे अपने कलम के माध्यम से समाज की कई सारी समस्याओं के बारे में लिखते है। 27 अक्टूबर आज ही के दिन ऐसे ही एक मशहूर कवी अयप्पन का जन्म हुआ था। आज उनकी जयंती है इस अवसर पर हम अयप्पन के जीवन से जुड़े कुछ खास बातें आपको बताने जा रहे है। तो चलिए जानते है… 

    मलयालम कवि अयप्पन

    आपको बता दें कि  अयप्पन को भारतीय मलयालम भाषा के मशहूर कवि के रूप में जाना जाता है।  आधुनिकतावादी काल में एक भारतीय मलयालम भाषा के कवि के रूप में। उन्हें मलयालम कविता में अराजकतावाद का प्रतीक माना जाता है। अयप्पन ने अपनी कविताओं के जरिये समाज की सत्य परिस्थिति लोगों के सामने रखी थी। अयप्पन एक प्रतिष्ठित व्यक्ति थे। उनकी प्रसिद्ध रचनाओं को आज भी लोग बड़े उत्साह से पढ़ते है। 

    अयप्पन एक असाधारण व्यक्तित्व 

    मलयालम भाषा के प्रसिद्ध कवि का जन्म भारत के नेमोम, त्रिवेंद्रम कोचीन में 27 अक्टूबर 1949 में हुआ था। और उनकी मृत्यु  21 अक्टूबर 2010 को केरल के तिरुअनंतपुरम में 60 साल की उम्र में हुई। अयप्पन अपने अनोखे जीवन शैली के बारे में जाने जाते थे।अयप्पन मनुष्य की संपूर्ण हालातों के बारे में अपने कविताओं के जरिये लिखने का प्रयास करते थे। 

    इस तरह मौत ने लगाया गले 

    आपको बता दें कि अयप्पन एक सामान्य जनकवि थे जो समाज के कई समस्याओं के बारे में अपने साहित्य के जरिये लिखने का काम करते थे। इनकी कविताएं आज भी भावुक कर देती है, उन्होंने बेहद दिल को छू लेने वाली कविताएं लिखी है। अयप्पन को साल 2010 के लिए मलयालम साहित्य का सर्वोच्च सम्मान “असान पुरस्कारम” प्रदान करने की घोषणा की गई थी। तभी इस पुरस्कार को ग्रहण करने के लिए चेन्नई जाते समय 14 अक्टूबर 2010 को तिरुअनंतपुरम में उनका 61 वर्ष की अवस्था में निधन हो गया।