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लालदुहोमा आज मिजोरम के CM की शपथ लेंगे

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नई दिल्ली: मिजोरम (Mizoram) में विधानसभा चुनाव (Vidhasnsabha Election) में जीत के बाद आज यानी शुक्रवार 8 दिसंबर  को जोरम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) के नेता लालदुहोमा (Lalduhoma) मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। जानकारी दें कि लालदुहोमा ने बीते बुधवार को आइजोल के राजभवन में राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति से मिलकर सरकार बनाने का अपना दावा पेश किया था।

यह भी पता हो कि पूर्व IPS अधिकारी लालदुहोमा इंदिरा गांधी के सिक्योरिटी इंचार्ज और कांग्रेस के सांसद भी रह चुके हैं। वहीं मिजोरम में 40 सीटों पर हुए चुनाव में ZPM ने 27 सीटें जीतीं हैं। सत्ताधारी मिजो नेशनल फ्रंट (MNF) को 10, BJP को 2 और कांग्रेस को यहाँ मात्र 1 सीट मिली है।

कौन है लालदुहोमा 

लालदुहोमा एक पूर्व IPS अधिकारी रह चुके हैं। हाई प्रोफाइल ऑफिसर होने के साथ वो पूर्व PM इंदिरा गांधी की सिक्योरिटी भी संभाल चुके हैं। जब राहुल गांधी की संसद सदस्यता गई थी तो लालदुहोमा एक बार फिर राजनीतिक पटल की चर्चा में आ गए थे।

रोचक बात यह रही लालदुहोमा ने साल 1984 में मिजोरम से कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा सीट जीती थी। लेकिन फिर उनका सूबे के कांग्रेस नेताओं से मतभेद हो गया और उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया। वे 1988 में दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित होने वाले पहले लोकसभा सांसद भी बने। फिर साल 2018 में लालदुहोमा ने आइजोल पश्चिम- I और सेरछिप से निर्दलीय चुनाव जीता। यहीं लालदुहोमा अब मिजोरम के CM बनेंगे।

छह दलों के गठबंधन-जोरम पीपुल्स मूवमेंट

जानकारी दें कि असल में जोरम पीपुल्स मूवमेंट पार्टी शुरुआत में छह क्षेत्रीय दलों का गठबंधन ही था। जिसमें मिजोरम पीपुल्स कॉन्फ्रेंस, जोरम नेशनलिस्ट पार्टी, जोरम एक्सोडस मूवमेंट, जोरम डिसेंट्रलाइजेशन फ्रंट, जोरम रिफॉर्मेशन फ्रंट और मिजोरम पीपुल्स पार्टी भी शामिल थीं।

साल 2018 में ZPM ने इसी गठबंधन के साथ चुनाव लड़ा था और 8 सीटें जीतीं थीं। चुनाव आयोग (ECI) ने आधिकारिक तौर पर जुलाई 2019 में पार्टी को बाकायदा रजिस्टर्ड किया। सबसे बड़ी संस्थापक पार्टी मिजोरम पीपुल्स कॉन्फ्रेंस, 2019 में गठबंधन से बाहर हो गई थी और बाकी बची पांच पार्टियां एक में शामिल हो गईं, जिसे फिर ZPM नामके नाम से जाना गया।