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    नई दिल्ली.  जहाँ एक तरफ कोरोना का ओमिक्रोन वेरिएंट पूरी दुनिया में तेजी से फैल रहा है। इस बीच एक बड़ी खबर के अनुसार अमेरिकी बायोटेक कंपनी मॉडर्ना (Moderna) ने बीते बुधवार को यह घोषणा की है, कि उसने खासकर कोरोना वायरस के ओमिक्रोन वेरिएंट (Omicron Variant) से मुकाबले के लिए डिजाइन किए गए टीके की बूस्टर खुराक (Booster Dose) का क्लिनिकल ट्रायल (Clinical Trials) अब शुरू भी कर दिया है।  इन परीक्षणों में कुल 600 वयस्क शामिल होंगे।  गौरतलब है कि इनमें से आधे को कम से कम 6 महीने पहले ही मॉडर्ना की कोरोना वैक्सीन की दो खुराक मिल चुकी हैं।  वहीं आधे को दो खुराक के साथ पहले से अधिकृत बूस्टर डोज भी मिली है। 

    ओमिक्रोन के लिए बना खास बूस्टर डोज

    गौरतलब है कि ये बूस्टर डोज खासकर ओमिक्रोन वेरिएंट के लिए डिजाइन किया गया है।  विशेष रूप से ओमिक्रोन (Omicron) को टारगेट करने वाले बूस्टर डोज का मूल्यांकन तीसरी और चौथी खुराक दोनों के रूप में भी किया जाएगा।  हालाँकि कंपनी ने पहले ही अधिकृत बूस्टर डोज के ओमिक्रोन वेरिएंट के खिलाफ प्रभावकारिता को लेकर जरुरी जानकारी दे दी थी।  साथ ही अब कंपनी का कहना है कि, बूस्टर डोज के 6 महीने बाद ओमिक्रोन के खिलाफ एंटीबॉडी को निष्क्रिय करने के स्तर को इंजेक्शन के 29 दिनों के बाद से ही उच्च स्तर से 6 गुना कम कर दिया गया था।  

    इस खास वैक्सीन के लिए मॉडर्ना का ट्रायल भी शुरू

    वहीं फार्मा कंपनी मॉडर्ना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टीफन बंसेल (Stephane Bancel) ने कहा कि, “हम वर्तमान में अधिकृत बूस्टर डोज के 6 महीने बाद ओमिक्रोन के खिलाफ एंटीबॉडी दृढ़ता (Antibody Persistence) से पूरी तरह आश्वस्त हैं।  हमें अपने ओमिक्रोन स्पेसिफिक वैक्सीन को एडवांस्ड करते हुए अपने दूसरे चरण के अध्ययन के इस भाग को शुरू करने में बहुत खुशी और राहत महसूस हो हो रही है। ” 

    गौरतलब है कि मॉडर्ना का ये बयान फाइजर (Pfizer) और बायोएनटेक (BioNTech) के बाद आया है जिसमें कंपनियों ने कहा गया था कि ओमिक्रोन वैक्सीन के लिए क्लिनिकल ट्रायल अब शुरू कर दिया है।  ये दोनों टीके मैसेंजर आरएनए (RNA) तकनीक पर आधारित हैं, जिससे नए वेरिएंट के लिए विशिष्ट म्यूटेशन के साथ उन्हें अपडेट करना अब अपेक्षाकृत और आसान हो जाता है।