Dr Samiran panda
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    नई दिल्ली. दक्षिण अफ्रीका (South Africa) में मिले कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) के नए वेरिएंट ‘ओमिक्रॉन’ (‘Omicron’ New Variant of Corona) के कारण दुनियाभर में चिंता बढ़ गई है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या कोरोना वैक्सीन इस नए वेरिएंट के खिलाफ लड़ने लायक है या नहीं? वहीं विशेषज्ञ भी इस बारे में कुछ साफ नहीं बता पा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ओमिक्रॉन डेल्टा वायरस (Delta Virus) से भी खतरनाक है और काफी तेजी से फैलता है।

    वहीं इसी बीच आईसीएमआर के महामारी विज्ञान और संचारी रोग प्रभाग प्रमुख डॉ. समीरन पांडा ने कहा कि, “समय बता सकता है लेकिन अभी विभिन्न प्रकार के हैं। कुछ वायरस के स्पाइक प्रोटीन की ओर निर्देशित होते हैं जो रिसेप्टर से जुड़ जाते हैं। इसलिए, यदि वहां बदलाव होते हैं, तो टीके प्रभावी नहीं हो सकते हैं।”

    डॉ. पांडा ने कहा, “एमआरएनए टीके स्पाइक प्रोटीन और रिसेप्टर इंटरैक्शन की ओर निर्देशित होते हैं, इसलिए एमआरएनए टीकों को पहले से देखे गए इस बदलाव के आसपास एक्टिव रहना होता है। लेकिन सभी टीके एक जैसे नहीं होते, कोविशील्ड-कोवैक्सिन हमारे सिस्टम के लिए एक अलग एंटीजन प्रस्तुति के माध्यम से इम्युनिटी उत्पन्न करते हैं।”

    क्या नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के खिलाफ मौजूदा टीके प्रभावी होंगे? इस सवाल का जवाब देते हुए डॉ. पांडा ने कहा कि, “संक्रमण का प्रकार, इसकी उचित निगरानी के साथ-साथ टीके किस तरह की प्रतिरक्षा पैदा करते हैं, इसके बारे में समय आने पर ही पता चलेगा। नई रिपोर्ट में कहा गया है कि संरचनात्मक बदलाव देखे गए हैं जो सेल, सेलुलर रिसेप्टर्स के साथ प्रसारित होने की संभावना का संकेत देते हैं।”

    उन्होंने कहा कि, “लेकिन क्या यह वास्तव में तेजी से प्रसारित हो रहा है या संक्रमण के समूहों का कारण बन रहा है, यह बताने में अभी थोड़ा समय लगेगा।”