नेहा हत्याकांड को लेकर लोगों में आक्रोश, मुस्लिम समुदाय ने किया आरोपी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

नेहा हिरेमथ की हत्या के मामले में सोमवार को मुस्लिम पुरुष और महिलाएं सामने आईं और हिंदू मृतक छात्रा के परिवार का समर्थन करते हुए अपने ही समुदाय के आरोपी फैयाज खोंडुनाईक के खिलाफ प्रदर्शन किया।

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धारवाड़: कॉलेज छात्रा नेहा हिरेमथ की हत्या (Neha Hiremath Murder Case) के मामले में सोमवार को मुस्लिम पुरुष और महिलाएं सामने आईं और हिंदू मृतक छात्रा के परिवार का समर्थन करते हुए अपने ही समुदाय के आरोपी फैयाज खोंडुनाईक के खिलाफ प्रदर्शन किया। हिरेमथ के परिवार के साथ एकजुटता दिखाने और इस नृशंस कृत्य की निंदा करने के लिए मुस्लिम समुदाय के लोगों की दुकानें आधे दिन के लिए बंद रहीं। दुकानदारों ने एक पोस्टर लगाया जिस पर लिखा था, “नेहा हिरेमथ को न्याय दो।”

अंजुमन-ए-इस्लाम की धारवाड़ इकाई के नेतृत्व में मुस्लिम छात्रों ने भी बैनर और तख्तियां लेकर शहर में एक मार्च निकाला, जिन पर लिखा था, “एक मनुष्य की हत्या मानवता की हत्या के बराबर है” और “छात्राओं का सम्मान और सुरक्षा की जानी चाहिए।” चूंकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी नेहा हत्याकांड के खिलाफ अपने राज्यव्यापी विरोध के तहत शहर में प्रदर्शन कर रही है इसलिए इस दौरान आरक्षित पुलिस बलों की तैनाती के साथ व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।

हुबली-धारवाड़ नगर निगम के कांग्रेस पार्षद निरंजन हिरेमथ की बेटी नेहा हिरेमथ (23) की गुरुवार को बीवीबी कॉलेज परिसर में फैयाज खोंडुनाईक ने चाकू घोंपकर हत्या कर दी थी। फैयाज वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गया था, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। नेहा ‘मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (एमसीए)’ पाठयक्रम की प्रथम वर्ष की छात्रा थी और फैयाज पहले उसका सहपाठी था।

इस घटना से लोगों में व्यापक आक्रोश फैल गया और ये आक्रोश विपक्षी भाजपा के बीच राजनीतिक खींचतान में बदल गया है। सत्तारूढ़ कांग्रेस ने इस मामले को व्यक्तिगत कारणों से हुई घटना के तौर पर पेश करने का प्रयास किया। भाजपा ने इसे ‘लव जिहाद’ मामला करार दिया है और दावा किया है कि यह राज्य में कानून-व्यवस्था की विफलता का प्रमाण है। इस मामले में भाजपा की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और हिंदुत्व संगठनों से जुड़े अन्य संगठनों ने न्याय की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया है और आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। कई अन्य स्थानों पर भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन की देखे गए हैं।

(एजेंसी)