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     नयी दिल्ली. दिल्ली (Delhi) की एक अदालत में बुधवार को एक याचिका दायर कर इस महीने की शुरूआत में भाजपा सदस्यों को प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ आपराधिक बल इस्तेमाल करने के लिये उकसाने के आरोप में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

    अधिवक्ता अमित साहनी ने इस याचिका में आरोप लगाया है कि 3 अक्टूबर को चंडीगढ़ में अपने आवास पर पार्टी के किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री और भाजपा सदस्य का एक विवादास्पद वीडियो रिकॉर्ड किया गया था। याचिका में दावा किया गया है कि वीडियो में, मुख्यमंत्री को पार्टी कार्यकर्ताओं को विरोध करने वाले किसानों के खिलाफ आपराधिक बल का इस्तेमाल करने के लिये उकसाते, “उत्तर और पश्चिम हरियाणा के हर जिले में 500- 600-1,000 स्वयंसेवक बनाने और लाठी-डंडे खाने तथा जेल जाने के लिये तैयार रहने को कहते हुए देखा गया था।”

    याचिका बृहस्पतिवार को अतिरिक्त मुख्य मैट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश की जा सकती है। इसमें खट्टर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 153, 153ए, और 505 के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की अपील की गई है। याचिका में अदालत से खट्टर को समन जारी करने और कानून के अनुसार उन्हें दंडित करने का आग्रह किया गया है। साथ ही अदालत से अनुरोध किया गया है कि वह पुलिस अधिकारियों को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू करने का निर्देश दे।