PM Modi at Kakrapar Atomic Power Station

Loading

सूरत: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने गुरुवार को गुजरात के सूरत जिले में काकरापार परमाणु ऊर्जा केंद्र (Kakrapar Nuclear Power Plant) में स्थापित 1,400 मेगावाट की कुल क्षमता के दो नए दबावयुक्त भारी जल रिएक्टर (पीएचडब्ल्यूआर) राष्ट्र को समर्पित किए। दक्षिण गुजरात के नवसारी में एक सभा को संबोधित करने के बाद प्रधानमंत्री निकटवर्ती सूरत जिले के काकरापार पहुंचे जहां परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थित है।

अधिकारियों ने बताया कि केएपीएस में 700-700 मेगावाट क्षमता की नई इकाई 3 और इकाई 4 को न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) ने करीब 22,500 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किया है और ये देश में सबसे बड़े स्वदेशी पीएचडब्ल्यूआर हैं। मोदी शाम को परमाणु ऊर्जा केंद्र पहुंचे और दो नए रिएक्टरों का उद्घाटन किया। इस दौरान एनपीसीआईएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक भुवन चंद्र पाठक सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उन्होंने बातचीत की। प्रधानमंत्री के साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और नवसारी से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद एवं पार्टी की गुजरात इकाई के अध्यक्ष सीआर पाटिल भी थे।

मोदी ने बिजली संयंत्र के मुख्य नियंत्रण कक्ष का दौरा किया और पाठक से विभिन्न प्रक्रियाओं तथा अन्य बारीकियों को समझा। अधिकारियों ने बताया कि केएपीएस से रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने संयंत्र में वैज्ञानिकों और साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को संक्षेप में संबोधित किया तथा उन्हें अच्छा काम जारी रखने के लिए प्रेरित किया।

इससे पहले बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया था, ‘‘ये अपनी तरह के पहले रिएक्टर हैं जो दुनिया के सर्वश्रेष्ठ रिएक्टरों की तुलना में उन्नत सुरक्षा सुविधाओं से युक्त हैं। ये दोनों रिएक्टर प्रति वर्ष लगभग 10.4 अरब यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन करेंगे और गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा और दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन और दीव जैसे कई राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के उपभोक्ताओं को लाभान्वित करेंगे।”

राज्य सरकार ने एक अलग बयान में कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों और इंजीनियरों द्वारा डिजाइन किए गए बिजली संयंत्र स्वच्छ एवं टिकाऊ ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करके गुजरात को शून्य कार्बन उत्सर्जन प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद करेंगे। एनपीसीआईएल ने एक विज्ञप्ति में कहा कि देश के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों ने अब तक लगभग 870 अरब यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन किया है, जिससे लगभग 74.8 करोड़ टन कार्बन डाइऑक्साइड के समान उत्सर्जन की कमी हुई है।