Governor Satyapal Malik
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    नई दिल्ली. मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक (Meghalaya Governor Satyapal Malik) ने बुधवार को केंद्र सरकार (Central Government) से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कानून (MSP Law) की किसान की मांग (Farmers Demand) को मान कर और एक समिति बनाने का आग्रह किया है। उन्होंने मौजूदा संकट का समाधान खोजने और कानूनों को निरस्त करके ‘बड़ा दिल दिखाने’ के लिए नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले प्रशासन की भी सराहना की।

    ज्ञात हो कि भारत के विभिन्न हिस्सों के हजारों किसानों ने 2020 में केंद्र द्वारा पारित तीन विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाफ लगभग एक साल तक विरोध प्रदर्शन किया था। हालांकि, पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन कानूनों को वापस लेने की घोषणा की थी। वहीं अब बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने औपचारिक रूप से कृषि कानूनों को वापस लेने को मंजूरी दे दी। केंद्र अब संसद के आगामी शीतकालीन सत्र के दौरान ‘द फार्म लॉ रिपील बिल, 2021’ पेश करेगा।

    सत्यपाल मलिक ने कहा कि, “जिन लोगों ने मुझे नियुक्त किया है, उनसे इस आशय का कोई संकेत मिलते ही मैं (राज्यपाल के पद से) पद छोड़ दूंगा।” 

    मेघालय के राज्यपाल ने कहा, “मैंने समाधान खोजने की दिशा में आगे बढ़ने और कृषि कानूनों को निरस्त कर एक बड़ा दिल दिखाने के लिए पीएम को बधाई दी है। यह एक अच्छा कदम है।”

    उन्होंने कहा, “मैं किसानों से एमएसपी और अन्य मुद्दों के समाधान के लिए गठित समितियों पर आश्वासन प्राप्त करने और घर जाने का आग्रह करूंगा। मैं उन्हें सलाह दूंगा कि वे इसे (विरोध) अनावश्यक रूप से न बढ़ाएं। एमएसपी उनकी मूल मांग है और मैं इस मुद्दे पर उनके साथ हूं।

    सत्यपाल मलिक ने कहा, “किसानों की सभी मांगें नहीं मानी गई हैं। एमएसपी उनकी मूल मांग है। सरकार को इस मांग को स्वीकार कर एक कमेटी बनानी चाहिए। अगर वे ऐसा करते हैं तो किसान अपना विरोध वापस ले लेंगे।”