पीएम मोदी (Photo Credits-ANI Twitter)
पीएम मोदी (Photo Credits-ANI Twitter)

    नई दिल्ली: यूपी में विधानसभा चुनाव के लिए अब कुछ ही महीने का समय रह गया है। इससे पहले ही सभी पार्टियां वोटरों को लुभाने की हर मुमकिन कोशिश कर रही हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) यूपी में आज सिद्धार्थनगर और वाराणसी दौरे पर आए हैं। पीएम मोदी (PM Modi UP Visit) ने नौ मेडिकल कॉलेज की सौगात दी है। साथ ही उन्होंने कहा कि पूर्वांचल पूर्वी भारत को सेहत का नया उजाला देगा।  

    बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिद्धार्थनगर में आयोजित एक कार्यक्रम से सिद्धार्थनगर, एटा, हरदोई, प्रतापगढ़, फतेहपुर, देवरिया, गाजीपुर, मिर्जापुर और जौनपुर ज़िलों में स्थित मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन किया। इन 9 मेडिकल कॉलेजों की लागत 2,329 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि 9 नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण से क़रीब 2500 नए बेड तैयार हुए हैं, 5,000 से अधिक डॉक्टर और पैरामेडिक्स के लिए रोज़गार के नए अवसर बने हैं। इसके साथ ही हर वर्ष सैकड़ों युवाओं के लिए मेडिकल की पढ़ाई का नया रास्ता खुला है।

    पीएम मोदी बोले-पूर्वांचल पूर्वी भारत को सेहत का नया उजाला देगा।

    मोदी ने कहा कि जिस पूर्वांचल को पहले की सरकारों ने बीमारियों से जूझने के लिए छोड़ दिया था, वो ही अब पूर्वी भारत का मेडिकल हब बनेगा। जिस पूर्वांचल की छवि पिछली सरकारों ने खराब कर दी थी, वो ही पूर्वांचल पूर्वी भारत को सेहत का नया उजाला देने वाला है। उन्होंने कहा कि जो पहले थे उनकी प्राथमिकता अपने लिए कमाना और अपने परिवार की तिजोरी भरना था। हमारी प्राथमिकता गरीब का पैसा बचाना और गरीब के परिवार को मूलभूत सुविधाएं देना है।

    सिद्धार्थनगर में पीएम ने कहा कि क्या कभी किसी को याद पढ़ता है कि उत्तर प्रदेश के इतिहास में कभी एक साथ इतने मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण हुआ हो? पहले ऐसा क्यों नहीं होता था और अब ऐसा क्यों हो रहा है, इसका एक ही कारण है- राजनीतिक इच्छाशक्ति और राजनीतिक प्राथमिकता।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि योगी जी की सरकार से पहले जो सरकार थी उसने अपने कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में सिर्फ 6 मेडिकल कॉलेज बनवाए थे। योगी जी के कार्यकाल में 16 मेडिकल कॉलेज शुरू हो चुके हैं और 30 नए मेडिकल कॉलेजों पर तेज़ी से काम चल रहा है।

    उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश में मेडिकल की सीटें 90,000 से भी कम थीं, देश में बीते 7 वर्षों में मेडिकल की 60,000 नई सीटें जोड़ी गई हैं।