चरणजीत सिंह चन्नी (Photo Credits-Video Grab)
चरणजीत सिंह चन्नी (Photo Credits-Video Grab)

    अमृतसर: पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी (Chief Minister Charanjit Singh Channi) ने बुधवार को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में मत्था टेका और कहा कि वह बेअदबी के 2015 के मामलों में न्याय सुनिश्चित करेंगे। चन्नी मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार यहां आए थे। उनके साथ उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और ओ पी सोनी तथा कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू भी आए थे। वे यहां दुर्गियाना मंदिर और भगवान वाल्मिकी तीर्थ भी गए।  

    स्वर्ण मंदिर में करीब दो घंटे तक रहने के दौरान उन्होंने ‘सेवा’ की। वे सिखों के सर्वोच्च तख्त अकाल तख्त भी गए।  स्वर्ण मंदिर में मत्था टेकने के बाद पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत में चन्नी ने कहा कि 2015 के बेअदबी मामलों में न्याय किया जाएगा। वह फरीदकोट में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं का जिक्र कर रहे थे। चन्नी ने कहा कि वे यहां ‘गुरु साहिब’ का आशीर्वाद लेने आए हैं और राज्य में प्रत्येक धर्म का सम्मान किया जाएगा। 

    सिद्धू ने कहा कि राजनीति मुद्दों से भटक गयी थी लेकिन ‘‘हमारे मुख्यमंत्री ने इन मुद्दों पर वापस ध्यान खींचा है।” उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम लोगों के मुद्दे हल नहीं कर सकते तो हम सच्चे सिख नहीं है क्योंकि धर्म भूखे को खाना खिलाना, रोते को हंसाना और बेसहारा को सहारा देना है।”मुख्यमंत्री की तारीफ करते हुए सिद्धू ने कहा, ‘‘पिछले दो दिनों में इतने विनम्र मुख्यमंत्री (चन्नी) के साथ मुझे जो अनुभव हुआ है उससे आज मैं बहुत खुश हूं। मैंने अपने पिछले 17 साल के राजनीतिक जीवन में कभी ऐसा महसूस नहीं किया। अब ऐसी भावना है कि कांग्रेस बिना किसी डर के लोगों की सेवा कर सकती है।”  

    उन्होंने कहा कि योग्यता का सम्मान किया जाएगा और सच्चाई की जीत होगी।  बाद में चन्नी, रंधावा, सोनी और सिद्धू चाय के एक मशहूर स्टॉल पर भी गए जहां उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत की और ‘कचौड़ी’ तथा ‘ब्रेड बटर’ के साथ चाय का लुत्फ उठाया।   

    चन्नी ने स्थानीय सांसद गुरजीत सिंह औजला से भी मुलाकात की और विधायक राज कुमार वर्क के आवास पर सुबह का नाश्ता किया। चन्नी, रंधावा, सोनी और सिद्धू दिल्ली से मंगलवार रात को अमृतसर पहुंचे थे। वे पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ राज्य के नए मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा करने के लिए दिल्ली गए थे।