makan-gahlot

    नयी दिल्ली. सुबह की बड़ी खबर के अनुसार राजस्थान (Rajasthan) में अब फिर गहलोत मंत्रिमंडल विस्तार (Ashok Gahlot Goverment) के संकेत मिल रहे हैं। जी हाँ खबरों की मानें तो प्रदेश के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा, स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा और राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को पत्र लिखकर मंत्री पद छोड़ने की पेशकश करते हुए संगठन के लिए आगे काम करने की इच्छा जताई है। परता हो कि ये तीनों ही मंत्री दो-दो पद संभाल रहे थे और माना जा रहा था कि जल्द ही उनका इस्तीफा भी आने वाला है। 

    गौरतलब है कि डोटासरा शिक्षा मंत्री के साथ कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष का जिम्मा संभाल रहे थे, जबकि राजस्व मंत्री हरीश चौधरी को पंजाब और स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा को गुजरात कांग्रेस का प्रभार बनाया गया था। इसके बाद से ही माना जा रहा था कि इन तीनों मंत्रियों की मंत्रिमंडल से छुट्टी हो सकती है।

    साथ ही अब इस इस बात की भी पूरी संभावना है कि राजस्थान में अशोक गहलोत जल्द ही अपनी कैबिनेट का विस्तार करेंगे। 21 या 22 नवंबर को यहाँ के नए मंत्री शपथ ले सकते हैं। तीन मंत्रियों के इस्तीफों के बाद गहलोत मंत्रिमंडल में अब 12 नए मंत्रियों की ताजपोशी का रास्ता साफ हो गया है। 

    इधर बीते शुक्रवार शाम को ही जयपुर पहुंचे राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी महासचिव अजय माकन ने इस्तीफे की पुष्टि करते हुए कहा कि तीनों मंत्रियों ने अब सोनिया गांधी को खत लिखकर मंत्री पद छोड़ने की इच्छा जताई थी क्योंकि यह सभी नेता संगठन के लिए अब पूर्ण रूप से काम करना चाहते हैं। 

    चर्चा तो ये भी है कि दरअसल कांग्रेस के ‘एक व्यक्ति एक पद’ वाले फॉर्मूले की वजह से ही इन तीनों मंत्रियों के इस्तीफे लिए गए हैं। हाल ही में राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच लंबे समय से चली आ रही खींचतान को खत्म करने की कोशिश के तहत पार्टी आलाकमान के दखल के बाद दोनों नेताओं के बीच भी एक नए कैबिनेट विस्तार का फॉर्मूला तय हुआ था।

    वहीं पार्टी सूत्रों के अनुसार हाईकमान के साथ मीटिंग में ये भी तय किया गया है कि अशोक गहलोत के पसंद के 7 मंत्री मंडल में शामिल होंगे। जबकि सचिन पायलट के पसंद के पांच मंत्री भी बनाए जाएंगे। इसके अलावा, बड़ी संख्या में अब इस मंत्रिमंडक मंत्रियों के विभाग भी बदले जा सकते हैं। इस बात के संकेत तो खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी चुके हैं। इसके तहत अब पायलट गुट की ओर से हेमाराम चौधरी, दीपेंद्र सिंह शेखावत, रमेश मीणा, बृजेंद्र ओला और मुरारी लाल मीणा भी मंत्री बन सकते हैं।

    गौरतलब है बीते करीब तीन सालों से अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच तलवारें जैसे खिंची हुई हैं। इधर जब तब सचिन पायलटअपने करीबियों को कैबिनेट में जगह देने की मांग करते आ रहे हैं। वहीं अब तक कैबिनेट में फेरबदल को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत टालते ही रहे हैं, लेकिन अब जल्द ही राजस्थान कैबिनेट का विस्तार होगा। इससे कयास ये भी है कि गहलोत-पायलट विवाद भी थोडा बहुत शांत होगा।