Police detained West Bengal BJP Sukanta Majumdar

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कोलकाता: भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार (Sukanta Majumdar) तृणमूल कांग्रेस (TMC) के फरार नेता शाहजहां शेख (Shahjahan Sheikh) की गिरफ्तारी की मांग को लेकर गुरुवार को संदेशखाली थाने के बाहर धरना दे रहे थे। बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि धरने पर बैठे भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार को कानून प्रवर्तकों ने जबरन धरनास्थल से हटाकर नाव में बैठाया और संकटग्रस्त इलाके से रवाना कर दिया।

संदेशखाली में प्रवेश करने की कोशिश के दौरान टाकि के समीप एक प्रदर्शन के दौरान चोट लगने के आठ दिन बाद पुलिस ने मजूमदार को उत्तर 24 परगना जिले के संकटग्रस्त इलाके में जाने की इजाजत दी। इलाके में पार्टी नेताओं के साथ मुलाकात के बाद मजूमदार सीधा संदेशखाली थाने पहुंचे और कुछ देर बाद ही उन्होंने थाने के बाहर धरना शुरू कर दिया। 

एसपी बशीरहाट डॉ. हुसैन मेहेदी रहमान ने कहा, “बशीरहाट पुलिस के एसपी डॉ. हुसैन मेहेदी रहमान आईपीएस कहते हैं, “आज सुकांत मजूमदार पुलिस को सूचित किए बिना यहां पहुंच गए। उन्हें धमाखाली में रोक लिया गया और उन्होंने अनुरोध किया कि वह संदेशखाली आना चाहते हैं और एक व्यक्ति के परिवार के सदस्यों से मिलना चाहते हैं।” 

पुलिस ने कहा कि पहले उन्हें रोका गया और बाद में उन्हें परिवार से मिलने की इजाजत दी गई लेकिन वह यहां आ गए और अपने स्थानीय समर्थकों के साथ पुलिस स्टेशन के बाहर धरने पर बैठ गए। यह इलाके में लगाई गई धारा 144 का खुला उल्लंघन था। रहमान ने कहा कि इस दौरान हमने उनसे विरोध प्रदर्शन बंद करने के लिए कहा, लेकिन इसके बजाय, वह नारेबाजी करने लगे। हमने कानूनी कार्रवाई की और उसे गिरफ्तार कर लिया और उसके बाद उसे व्यक्तिगत जमानत पर रिहा कर दिया गया। बशीरहाट एसपी ने आगे कहा कि जमीन को लेकर थाने में शिकायतें आ रही हैं, उनमें से आज 9 लोगों को सर्वे के बाद जमीन वापस की गयी।

राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी के दौरान उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ”जब तक शाहजहां शेख को गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक मेरा धरना जारी रहेगा। इतने दिन बीतने के बाद भी पुलिस उसे गिरफ्तार करने में नाकाम रही है।” मजूमदार ने कहा कि वह स्थानीय पुलिस अधिकारियों से मिलना चाहते थे लेकिन उन्हें इजाजत नहीं दी गयी, जिसके बाद उन्होंने अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का फैसला किया। पुलिस ने मजूमदार से धरना खत्म करने को कहा लेकिन जब उन्होंने पुलिस की बात नहीं मानी तो मजूमदार को धरनास्थल से हटाने के लिए बल प्रयोग किया गया। मजूमदार को बाद में पुलिसकर्मियों के साथ एक नाव में बैठाकर धमाखली नौका घाट भेज दिया गया।

 धमाखली पहुंचने के बाद मजूमदार ने दावा किया, ”मुझे गिरफ्तार किया गया और बाद में निजी जमानत बॉण्ड पर रिहा कर दिया गया। मैं अभी धमाखली नौका घाट पर हूं लेकिन जब तक संदेशखालि में गिरफ्तार हमारे सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को रिहा नहीं किया जाता तब तक मैं यह क्षेत्र नहीं छोड़ूंगा।” इससे पहले पुलिस ने मजूमदार को संदेशखालि जाने की इजाजत दी, जहां महिलाओं से कथित यौन उत्पीड़न और जमीन पर कब्जा करने को लेकर स्थानीय निवासी प्रदर्शन कर रहे हैं।

पुलिस ने मजूमदार को इस शर्त पर संदेशखालि जाने की इजाजत दी थी कि उनके साथ सिर्फ सुरक्षाकर्मी ही जा सकते हैं और भाजपा का कोई अन्य नेता उनके साथ नहीं जाएगा। इस शर्त पर नाखुशी जाहिर करने के बाद भी भाजपा नेता को पुलिस की बात मानने के लिए मजबूर होना पड़ा। पुलिस के एक अधिकारी को यह कहते हुए सुना गया कि आप संदेशखालि जा सकते हो। लेकिन आपके साथ सिर्फ हमारे सुरक्षाकर्मियों को जाने की इजाजत होगी और भाजपा का कोई नेता आपके साथ नहीं जाएगा। मजूमदार को बृहस्पतिवार को संदेशखालि जाने की इजाजत दी गयी थी। स्थानीय लोगों ने शेख पर ‘अत्याचार’ करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद से वह फरार है।  

(भाषा इनपुट के साथ)