The language used by BJP's Gaurav Bhatia for Sheeshram Ola is condemnable, JP Nadda should apologize: Ashok Gehlot
File Photo

    जयपुर. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि ‘प्रशासन गांवों के संग अभियान’ राज्य सरकार का एक ऐसा महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है जिसके माध्यम से आमजन की समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दो अक्टूबर से शुरू हो रहे इस अभियान के दौरान लगने वाले शिविरों में पात्र एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने, भूमिहीनों को भू-आवंटन करने का काम सर्वोच्च प्राथमिकता से किया जाए।

    उन्होंने निर्देश दिए कि शिविरों में आने वाले वृद्धजनों, दिव्यांगों आदि की समस्याओं को अधिकारी पूरी संवेदनशीलता से सुनें और उन्हें तत्काल राहत पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करें ताकि आमजन को अधिक से अधिक राहत मिले और जिस मंशा के साथ राज्य सरकार यह अभियान शुरू करने जा रही है वह पूरी तरह सफल हो सके। गहलोत ने सोमवार को अभियान के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि अभियान के दौरान आने वाली बिजली, पानी, सड़क, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से सम्बन्धित शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया जाए।

    उन्होंने कहा कि आजकल अधिकतर कार्य आनलाइन हो गए हैं। ऐसे में, शिविरों में आने वाले ग्रामीणों की सहायता एवं आवेदन पत्रों को भरने के लिए सहायता डेस्क लगाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिविरों में आमजन को राज्य एवं केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

    उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान जिन लोगों की मृत्यु हुई है उनके परिजन शिविरों में मृत्यु प्रमाण-पत्र बनवाने आएं तो उन्हें सम्बन्धित फार्म उपलब्ध कराया जाए एवं यदि वे मुख्यमंत्री कोरोना बाल कल्याण योजना के पात्र हैं तो उन्हें इस योजना का लाभ दिलवाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि पूर्व में चिह्नित 19 विभागों के साथ-साथ रोडवेज एवं जल संसाधन विभाग की सेवाओं को भी अभियान से जोड़ा जाए। (एजेंसी)