CDS Bipin Rawat
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    नई दिल्ली: सरकार ने अगले प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (CDS) की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है और तीनों सेनाओं से मिली सिफारिशों के आधार पर नामों की सूची मंजूरी के लिए शीघ्र ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) को सौंपी जाएगी। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। 

     उन्होंने बताया कि सरकार जनरल बिपिन रावत के उत्तराधिकारी का चयन करने के लिए थल सेना, नौसेना और वायुसेना के वरिष्ठ कमांडर की सदस्यता वाली एक समिति को अंतिम रूप दे रही है।

    उल्लेखनीय है कि भारत के प्रथम सीडीएस जनरल रावत, उनकी पत्नी मधुलिका और सशस्त्र बलों के 11 अन्य कर्मियों की आठ दिसंबर को तमिलनाडु में कुन्नूर के निकट एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई। घटना में जीवित बचे एकमात्र व्यक्ति एवं गंभीर रूप से घायल ग्रुप कैप्टन वरूण सिंह का बुधवार को निधन हो गया।  

    नए सीडीएस के चयन से जुड़े घटनाक्रम से अवगत दो लोगों ने बताया कि तीनों सेनाओं (थल सेना, नौसेना और वायुसेना) से मिली सिफारिशों के आधार पर सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है तथा शीघ्र ही इसे मंजूरी के लिए रक्षा मंत्री को सौंप दिया जाएगा। 

     उन्होंने बताया कि रक्षा मंत्री की मंजूरी मिलने के बाद नये सीडीएस की नियुक्ति के लिए अंतिम निर्णय लेने को लेकर नामों को (केंद्रीय) मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति के पास विचारार्थ भेजा जाएगा।

    समझा जाता है कि थल सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे के संपूर्ण अनुभव पर विचार करते हुए उन्हें इस शीर्ष पद पर नियुक्त करने की प्रबल संभावना है। वह अगले साल अप्रैल में सेवानिवृत्त होने वाले हैं।  वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल वीआर चौधरी और नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार ने अपना-अपना पदभार 30 सितंबर और 30 नवंबर को संभाला था।  यदि जनरल नरवणे सीडीएस नियुक्त किये जाते हैं तो सरकार को उनके उत्तराधिकारी पर भी विचार करना होगा।

     थल सेना के उप्र प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल सी.पी. मोहंती और उत्तरी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाई.के. जोशी थल सेना प्रमुख पद के लिए दौड़ में आगे हैं। लेफ्टिनेंट जनरल मोहंती और लेफ्टिनेंट जनरल जोशी एक ही बैच के हैं तथा वे जनरल नरवणे के बाद वरिष्ठतम कमांडर हैं। वे दोनों 31 जनवरी को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। जनरल रावत ने भारत के प्रथम सीडीएस का पदभार पिछले साल एक जनवरी को संभाला था। सीडीएस, रक्षा मंत्रालय में सैन्य मामले विभाग (डीएमए) के सचिव और रक्षा मंत्री के प्रधान सलाहकार भी होते हैं। (एजेंसी)