Supreme Court

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मुंबई: मुंबई: जम्मू-कश्मीर से धारा 370 (Article 370) को निरस्त करने और दो केंद्र शासित प्रदेश में बांटने के खिलाफ याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट फैसला (Supreme Court Decision) सुनाएगा। लंबी बहस के बाद कोर्ट ने 5 सितंबर को ये फैसला सुरक्षित रख लिया था। आज चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, बीआर गवई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ आज यह फैसला सुनाएगी।

बता दें कि केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को Jammu-Kashmir के लिए भारतीय संविधान में की गई विशेष व्यवस्था धारा 370 (Article 370) को केंद्र सरकार ने निरस्त कर दिया था। जिसके बाद धारा 370 (Article 370) को निरस्त करने वाली कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में इस तर्क के साथ दायर की गई थी कि संसद के पास धारा 370 (Article 370) को निरस्त करने के लिए खुद को जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) की विधायिका घोषित करने का अधिकार नहीं है। लेकिन केंद्र सरकार ने ये कहकर अपने फैसले का बचाव किया कि जम्मू कश्मीर का भारत में विलय अन्य रियासतों की तरह एक प्रक्रिया से हुआ था। साथ ही केंद्र शासित प्रदेश के रूप में जम्मू-कश्मीर की वर्तमान स्थिति अस्थायी है और वह राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है।

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) से धारा 370 हटाए जाने के खिलाफ मशहूर वकील कपिल सिब्बल ने ये तर्क दिया कि चुनी हुई राज्य सरकार को ये हक नहीं था। लेकिन केंद्र सरकार इस तर्क के साथ डटी रही कि चुनी हुई सरकार को संविधान ने ही ये हक दिया है। जहां तक जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करने का सवाल है, तो केंद्र सरकार इस दिशा में काम कर रही है। केंद्र सरकार ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश के रूप में जम्मू-कश्मीर की वर्तमान स्थिति अस्थायी है और वह राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है। सितंबर में लगातार 16 दिनों तक सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। आज इस बारे में सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुना सकती है।