Surjewala said - Captain removed after 78 MLAs spoke, Amarinder's counterattack - why is the high command giving authority

    नई दिल्ली: पंजाब में कांग्रेस की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। एक ओर जहां सिधू ने प्रधान पद से इस्तीफा दे दिया है, वहीं खुद को अपमानित किए जाने का आरोप लगाकर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस को अलविदा कह दिया है। अमरिंदर सिंह के आरोप पर कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सफाई दी है। सुरजेवाला ने कहा कि, 78 विधायकों के बोलने के बाद कैप्टन को हटाया गया। 

    सुरजेवाला ने आगे कहा, “जब कोई मुख्यमंत्री विधायकों का विश्वास खो दे तो उसे अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। 79 में से 78 विधायकों ने लिखा था कि सीएम को बदल देना चाहिए. अगर हम सीएम नहीं बदलते तो इसे तानाशाही कहा जाता।”

    सिद्धू ने रची साजिश

    सुरजेवाला के इस बयान पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा, “मैंने 2017 के बाद से पंजाब में हर चुनाव जीता है। यह वे लोग नहीं थे जिन्होंने मुझ पर से विश्वास खो दिया था। पूरे मामले की साजिश नवजोत सिंह सिद्धू और उनके सहयोगियों ने की थी। पता नहीं क्यों उन्हें अब भी हुक्म चलाने की इजाज़त दे रहे हैं।”

    राहुल गांधी, प्रियंका गांधी के साथ खड़ा रहूंगा

    सिद्धू ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर ट्वीट किया, ‘‘गांधी जी और शास्त्री जी के सिद्धांतों को कायम रखेंगे…पद रहे या नहीं रहे…राहुल गांधी, प्रियंका गांधी के साथ खड़ा रहूंगा। सभी नकारात्मक ताकतें भले मुझे हराने की कोशिश करें, लेकिन सकारात्मक ऊर्जा के हर औंस से पंजाब को जीत मिलेगी, पंजाबियत (सार्वभौम भाईचारा) और हर पंजाबी की जीत होगी।” क्रिकेटर से नेता बने सिद्धू ने महात्मा गांधी और शास्त्री की तस्वीरें को भी पोस्ट किया।