गिरफ्तार पाक आतंकी बाबर का कैमरे पर कबूलनामा- मुझे पाकिस्तानी सेना-ISI ने भारत भेजा, दिया था पैसों का लालच

    नयी दिल्ली. एक बड़ी खबर के अनुसार जम्मू कश्मीर (Jammu-Kashmir) के उरी सेक्टर (Uri Sector) से गिरफ्तार हुए आतंकी बाबर (Terrorist Babar) ने अब कैमरे पर पाकिस्तान (Pakistan) की असलियत दिखाई  है। दरअसल अपने कबूलनामे में बाबर ने कहा कि उसे उरी जैसे हमले के लिए ही भेजा गया था और इसके लिए पाकिस्तानी सेना ने ट्रेनिंग दी थी। बाबर ने कहा कि 9 आतंकियों ने पाकिस्तान में उसे 3 हफ्ते की ट्रेनिंग दी थी।

    Courtsey: Neeraj Rajput

    इसके साथ ही उसने आगे कहा है कि लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ने के लिए ISI ने उसे 20 हजार दिए। उसके अनुसार फैक्ट्री में काम करने के दौरान ISI और लश्कर के आतंकी से मुलाकात हुई। बाबर ने बताया कि लश्कर अनाथ और गरीबों को ही इस जिहाद के लिए तैयार करता है। उसने कहा कि हमें बोला गया कि कश्मीरियों पर जुल्म होता है, लेकिन यहां पर तो सभी खुश दिखे। इसके सात ही गिरफ्तार आतंकी ने कहा, ”मैं पाकिस्तानी सेना और आईएसआई से गुजारिश करता हूं कि मुझे वापस बुला लिया जाए। भारतीय सेना में मेरे साथ अच्छा व्यवहार किया। मेरे पर कोई जुल्म भी नहीं किया।”

    दिया 50 हजार रुपए का लालच 

    इसके साथ ही अपने वक्तव्य में बाबर ने कबूला है कि पाकिस्तानी सेना और ISI ने उससे कहा कि उसकी मां बीमार है, उसे इलाज की जरूरत है। ऐसा कह उसकी पढ़ाई छुड़ाकर दहशतगर्दी के रास्ते पर धकेला गया। वहीं ISI ने उसे 50 हजार रुपए का लालच दिया। बाद में बाबर को 20 हजार रुपए का एडवांस दिया। बाबर का कहना है कि उसे छह हफ्ते की ट्रेनिंग दी गई और फिर पाकिस्तानी सेना एवं ISI ने उसे आतंकी लॉन्च पैड पर लाकर छोड़ दिया। 

    भारतीय सेना के बारे बताई गलत बातें 

    बाबर ने बताया है कि जब तंजीम में ट्रेनिंग के लिए जब उसे भेजा गया तो उसे वीडियो दिखाए गए। यहाँ उसे बताया गया कि, कश्मीर में भारतीय सेना मासूम लोगों पर जुल्म कर रही है लेकिन जब वह यहां आया तो उसे यहां पर ऐसा कुछ नहीं दिखा। बाबर ने कहा है कि भारतीय सेना के अत्याचार की कोई भी घटना उसके सामने नहीं आई। 

    उरी मुठभेड़ में जिंदा पकडाया  बाबर

    ऐसे में जाहिर है कि बाबर का ब्रेनवाश किया गया है। इससे साफ़ पता चलता है कि पाकिस्तान अपने मासूम युवकों को बरगलाकर आतंक के रास्ते पर यहाँ भेज रहा है। दरअसल पाकिस्तानी सेना गरीब लड़कों की मजबूरी का जमकर फायदा उठा रही है। कुछ समय पहले सीमा पार से कुछ 6 लोग भारतीय क्षेत्र में घुसे थे लेकिन सुरक्षाबलों की मुस्तैदी की वजह से 4 वापस भाग गए, एक मारा गया जबकि इनके साथ आया बाबर सुरक्षाबलों की गिरफ्त में आ गया। वहीं यह भी पता चला कि उरी में सेना से जब मुठभेड़ होनी शुरू हुई तो बाबर हथियार छोड़कर रोने लगा। फिर इसने सेना से कहा कि वह उसकी जान बख्श दे क्योंकि वह जिंदा रहना चाहता है। 

    कश्मीर में आतंकियों का इंतजार कर रही है उनकी मौत 

    इधर आज रक्षा विशेषज्ञ जीडी बख्शी ने मीडिया से हुई अपनी खास बातचीत में कहा कि, जैसे ही अफगानिस्तान में युद्ध खत्म हो गया है। ऐसे में पाकिस्तान अपने आतंकवादियों को जम्मू-कश्मीर के हालात बिगाड़ने के लिए भेज रहा है। सीमा पर लॉन्च पैड्स पर फिर से बड़ी संख्या में आतंकियों की मौजूदगी होने का पता चला है। ये आतंकी सोच रहे हैं कि अफगानिस्तान में जीत के बाद ये कश्मीर में आकर अपना जश्न मनाएंगे, लेकिन इन्हें बिल्कुल पता नहीं है कि यहां पर दरअसल मौत उनके इंतजार में बैठी है।