‘जो इनके करीबी वही कांग्रेस छोड़ दूसरे दल में गए’, कपिल सिब्बल का बिना नाम लिए राहुल गांधी पर बड़ा हमला

    नई दिल्ली: पंजाब कांग्रेस (Punjab Congress) में आई सुनामी कम होने के बजाय लगातार और विकराल होती जा रही है। नवजोत सिंह सिद्धू (Navjoot Singh Sidhu) के कांग्रेस प्रधान पद से इस्तीफा देने के बाद जी 23 में शामिल नेताओं ने कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व पर लगातार सवाल उठा रहा हैं। इसी क्रम में बुधवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने एक बार फिर पूर्णकालिक अध्यक्ष की मांग कर दी है। इसी के साथ राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का बिना लिए हमला बोलते हुए कहा कि, “जो इनके करीबी वही कांग्रेस छोड़ दूसरे दल में जा चुके हैं।”

    कांग्रेस में कोई अध्यक्ष नहीं

    सिब्बल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “मैं आपसे (मीडिया) उन कांग्रेसियों की ओर से बोल रहा हूं जिन्होंने पिछले साल अगस्त में पत्र लिखा था और सीडब्ल्यूसी और केंद्रीय अध्यक्ष के पद के चुनाव के संबंध में हमारे नेतृत्व द्वारा की जाने वाली कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं। चुनाव समिति।”

    उन्होंने कहा, “हमारी पार्टी में कोई अध्यक्ष नहीं है इसलिए हमें नहीं पता कि ये निर्णय कौन ले रहा है। हम जानते हैं और फिर भी नहीं जानते।”

    जल्द बुलाई जाए बैठक 

    सिब्बल ने आगे कहा, “मेरा मानना है कि मेरे एक वरिष्ठ सहयोगी ने कांग्रेस अध्यक्ष को तुरंत सीडब्ल्यूसी बुलाने के लिए लिखा है या लिखने वाला है ताकि बातचीत हो सके कि हम इस राज्य में क्यों हैं।”

    पंजाब में शुरू राजनीतिक संकट पर पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, “एक सीमावर्ती राज्य (पंजाब) जहां कांग्रेस पार्टी के साथ ऐसा हो रहा है, इसका क्या मतलब है? यह आईएसआई और पाकिस्तान के लिए एक फायदा है। हम पंजाब के इतिहास और वहां उग्रवाद के उदय को जानते हैं… कांग्रेस को सुनिश्चित करना चाहिए कि वे एकजुट रहें।”

    जो करीबी नहीं उनके साथ खड़े

    वहीं राहुल गांधी का बिना नाम लिए निशाना साधा है। उन्होंने कहा, “हम (जी-23 के नेता) वे नहीं हैं जो पार्टी छोड़कर कहीं और जाएंगे। यह विडंबना है। जो उनके (पार्टी नेतृत्व) करीब थे, वे चले गए और जिन्हें वे अपने करीब नहीं मानते, वे अब भी उनके साथ खड़े हैं।”

    उन्होंने कहा, “देश के हर कांग्रेसी को सोचना चाहिए कि पार्टी को कैसे मजबूत किया जा सकता है। जो चले गए हैं वे वापस आएं क्योंकि कांग्रेस ही इस गणतंत्र को बचा सकती है।”