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    नयी दिल्ली. बीते सोमवार को जहाँ अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Narendra Giri Maharaj) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद पुलिस जूर शोर से जांच में जुट गई है। वहीं अब इस इस मामले में अब तक 3 आरोपियों को पुलिस ने अपने गिरफ्त में ले लिया है। इसके साथ ही अब प्रयागराज पुलिस ने यहाँ के प्रसिद्ध ‘लेटे हनुमान मंदिर’ के पुजारी और उनके बेटे को दोनों को ही अपनी हिरासत में लिया है। इस प्रकार अब तक 3 लोग, पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं।

    इसी के साथ महेंद्र गिरी के शिष्य आनंद गिरी (Anand Giri) के खिलाफ भी अब IPC 306 के तहत प्रयागराज के जार्ज टाउन थाने में एक FIR दर्ज कर दी गई है। दरअसल खुद आनंद गिरी पर नरेंद्र  गिरी को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है।

    उत्तराखंड से उठाया आनंद गिरी को पुलिस ने 

    इस बाबत उत्तर प्रदेश के ADG प्रशांत कुमार ने बताया है कि आनंद गिरी को उत्तराखंड पुलिस की मदद से हरिद्वार से पुलिस ने अपने हिरासत में लिया है। वहीं उत्तरप्रदेश पुलिस के फिलहाल 10 जवानों की टीम आनंद गिरी को प्रयागराज वापस ला रही है। इधर आनंद गिरी ने उन पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

    मुझे फंसाने की हो रही साजिश – आनंद गिरी

    इस घटना पर आनंद कहना है कि, “मुझे फंसाने के लिए भू माफियाओं ने उक्त साजिश रची है। गुरु जी उस तरह के व्यक्ति नहीं थे जो खुदकुशी कर लें। उन्हें पैसों के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। मेरे खिलाफ यह बहुत बड़ी साजिश है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।” इसके साथ ही आनंद गिरी का कहना है कि, “भूमाफियों के साथ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी इसमें शामिल हैं। मैं जांच में सहयोग करूंगा। मेरे खिलफ गुरुजी को भड़ाकाया गया था। अगर मैं दोषी पाया जाता हूं तो सजा भी भुगतने के लिए तैयार हूं।”

    अखिल भारतीय संत समिति ने भी उठाए सुसाइड नोट पर सवाल 

    इधर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी की मौत पर अब अखिल भारतीय संत समिति के भी राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने अनेकों गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि, नरेंद्र गिरि कभी भी आत्महत्या नहीं कर सकते और जहां तक उक्त सुसाइड नोट की बात है तो वह अपना हस्ताक्षर ही ठीक से नहीं कर पाते थे तो आखिर इतना लंबा सुसाइड नोट वे खुद कैसे लिख सकते हैं?

    क्या लिख सकते थे नरेंद्र गिरि  

    लेकिन अब दूसरी तरफ नरेंद्र गिरि के साथ दिन-रात साए की तरह रहने वाले उनके शिष्य निर्भय द्विवेदी ने भी एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि, नरेंद्र गिरि थोड़ा बहुत लिख पाते थे। उन्होंने यहाँ तक भी कहा कि शायद नरेंद्र गिरि जानते थे कि उनकी मृत्यु के बाद सुसाइड नोट पर सवाल उठ सकते हैं, इसलिए उन्होंने अपने कथित सुसाइड से पहले एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था। फिलहाल पुलिस इस हाई प्रोफाइल मामले में गहनता से जांच कर रही है।