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    नयी दिल्ली. एक बड़ी खबर के अनुसार अमेरिकी रक्षा विभाग ने चीन (China) से जुड़े सैन्य और सुरक्षा विकास की सालाना रिपोर्ट में अब ये दावा किया है कि चीन ने तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र और भारत (India) के अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) के बीच विवादित क्षेत्र में 100 घरों का एक गांव भी बसा दिया है। अब ये गाँव भारत और चीन के अन्य बुनियादी ढांचे को तनाव का बड़ा कारण बताया जा रहा है। इस रिपोर्ट कि मानें तो चीन, लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) के पास भारत द्वारा किए जा रहे इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए भारत को ही दोषी ठहराने की कोशिश कर रहा है। 

    इतना ही नहीं इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया चीन की ये हरकत भारत के उकसावे के बाद की देन है। खबरों के मुताबिक चीन ने यहाँ सेना की अतिरिक्त टुकड़ी की तैनाती कर रखी है और जब तक भारत पुरानी स्थिति पर नहीं जाता तब तक चीनी सेना की टुकड़ी को वापस नहीं जाएगी।

    वहीं अब अपनी धौंस दिखाते हुए चीनी अधिकारियों ने अमेरिकी अधिकारियों को भारत के साथ अपने संबंधों में हस्तक्षेप नहीं करने की सीधे-सीधे चेतावनी भी दी है। बीते डेढ़ साल से बॉर्डर पर तनाव करने को लेकर राजनयिक और सैन्य स्तर पर बातचीत लगातार जारी है लेकिन चीन अपने दावों को लेकर सामरिक कारवाई भी करता रहा है।

    गौरतलब है कि जून 2020 में LAC के नजदीक हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के कई सैनिकों की मौत हो गई थी। जिसमे भारत सरकार ने 20 सैनिकों की मौत की जानकारी दी थी लेकिन चीन ने आज तक साफ-साफ कभी कोई जानकारी नहीं दी है। हालांकि चीन ने 4 सैनिकों के लिए मरणोपरांत पुरस्कार की घोषणा भी की थी।

    हालाँकि 2021 के मध्य में डिसइंगेजमेंट के समझौते के बाद भी दोनों पक्षों ने LAC पर अपने सैनिकों को यथावत बनाए रखा है। वहीं रिपोर्ट के अनुसार बॉर्डर को लेकर दोनों पक्षों की अपनी अलग-अलग धारणाओं के कारण हिंसक झड़प हुई थी और तनाव बना हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार चीन बॉर्डर पर भारत के साथ तनाव करने की कोशिश भी करना चाहता है ताकि भारत और अमेरिका के अधिक नजदीक न हो सके। शायद अमेरिका को लेकर चीन अब भी सशंकित है।