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    गांधीनगर.  गुजरात (Gujarat) के अगले मुख्यमंत्री पर असमंसज की स्थिति रविवार को यहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक दल की बैठक के बाद खत्म हो जाएगी। पार्टी के सूत्रों ने यह जानकारी दी। दरअसल विजय रूपाणी (Vijay Rupani)) के गुजरात के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अगले मुख्यमंत्री की तलाश शुरू हो गयी है। सूत्रों ने बताया कि बैठक दोपहर 3 बजे होगी। बैठक के बाद विधायक दल का नया नेता राज्यपाल से मुलाकात करेगा और सरकार बनाने का दावा पेश करेगा।

    गुजरात भाजपा के प्रवक्ता यमल व्यास ने कहा, ‘‘भाजपा विधायक दल की बैठक दोपहर तीन बजे होगी, जिसमें केंद्रीय पर्यवेक्षक नरेंद्र सिंह तोमर और प्रह्लाद जोशी तथा पार्टी महासचिव तरुण चुग भाग लेंगे। बैठक में राज्य के नए मुख्यमंत्री का फैसला लिया जाएगा। नया नेता राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करेगा और शपथ ग्रहण की तारीख बाद में तय की जाएगी।” भाजपा ने नए मुख्यमंत्री के चयन के लिए विधायक दल की बैठक के वास्ते केंद्रीय मंत्री तोमर और जोशी को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। तोमर ने रविवार सुबह भाजपा के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष सी आर पाटिल से मुलाकात की।

    देर रात गुजरात पहुंचे थे अमित शाह शाह और हो गया फैसला 

    अब ऐसे में सूत्रों की मानें तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसी सिलसिले में गुजरात का दौरा किया था। वह अचानक से देर रात दिल्ली से अपने गृह राज्य गए थे और वहां पर BJP के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की थी। कुछ घंटों तक चली इस बैठक में ही उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री रहे विजय रुपाणी पर फैसला हो चूका था। यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि इसी बैठक में यह तय कर लिया गया था कि विजय रुपाणी को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना होगा। हालांकि, इस फैसले को पूरी तरह से गुप्त रखा गया और किसी को भी कोई खबर नहीं लगी। गुजरात बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करने के बाद अमित शाह अगले दिन सुबह वापस दिल्ली लौट आए थे।

    इधर तोमर ने हवाईअड्डे पर कहा, ‘‘हम मुद्दे (नए मुख्यमंत्री) पर चर्चा के लिए यहां आए हैं। हम भाजपा के प्रदेश नेताओं के साथ इस पर चर्चा करेंगे।” ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप, दादर तथा नागर हवेली व दमन और दीव के प्रशासक प्रफुल खोड़ा पटेल मुख्यमंत्री पद के शीर्ष दावेदारों में से एक हैं। साथ ही केंद्रीय मत्स्य पालन, पशु पालन और डेयरी मंत्री परषोत्तम रूपाला तथा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया के नाम पर भी चर्चा चलने की खबरें हैं। दोनों ही पटेल या पाटीदार समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल और राज्य के कृषि मंत्री आरसी फालदू के नामों को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं। दोनों ही पटेल समुदाय से आते हैं। रूपाणी (65) ने शनिवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

    उन्होंने अगले साल राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अचानक इस्तीफे की घोषणा की। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रूपाणी ने किस वजह से इस्तीफा दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात की 182 विधानसभा सीटों के लिए दिसंबर 2022 में चुनाव होने हैं। रूपाणी (65) कोरोना वायरस महामारी के दौरान भाजपा शासित राज्यों में पद छोड़ने वाले चौथे मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने दिसंबर 2017 में मुख्यमंत्री के तौर पर दूसरी पारी के लिये पद की शपथ ली थी।

    उन्होंने राज्यपाल आचार्य देवव्रत से मुलाकात और उन्हें इस्तीफा पत्र सौंपने के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘मैंने गुजरात के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। मुझे पांच साल तक राज्य की सेवा करने का मौका दिया गया। मैंने राज्य के विकास में योगदान दिया। मेरी पार्टी जो कहेगी, आगे मैं वही करूंगा।” रूपाणी सबसे पहले आनंदीबेन पटेल के इस्तीफे के बाद सात अगस्त 2016 को गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे और वह 2017 विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत के बाद पद पर बने रहे। 

    मुख्यमंत्री के नाम पर क्या फिर सरप्राइज देगी BJP? 

    अब अगर BJP के हाल-फिलहाल के इतिहास को देखें तो हमें यह समझ आएगा कि जिस भी चेहरे के बारे में सुर्खियां बन रही होती हैं, पार्टी उसे मुख्यमंत्री कतई नहीं बनाती है। फिर चाहे साल 2017 में हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की बात हो, जहां पर मनोज सिन्हा के नाम को लेकर जोर-शोर से चर्चा चल रही थी, लेकिन आखरी मिनट में BJP ने योगी आदित्यनाथ को सीएम घोषित करके सभी को चौंका दिया। इसी तरह से हाल ही में उत्तराखंड और कर्नाटक में भी BJP ने ऐसे ही सभी को सरप्राइज कर दिया। गुजरात में भी वर्तमान डिप्टी सीएम नितिन पटेल को CM बनाए जाने की बात चल रही थी। यहां तक कि पटेल ने सबको खुद के मुख्यमंत्री बनने की खुशी में मिठाई तक खिला दी थी, लेकिन ऐन वक्त पर विजय रुपाणी के नाम की घोषणा कर दी गई थी।