hair
Representative Image

    नयी दिल्ली. एक बड़ी ही रोचक खबर के अनुसार ITC मौर्या (ITC Maurya) को अपने कस्टमर को खराब हेयरकट (Bad Haircut) देना अब काफी महंगा पड़ गया  है। दरअसल नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन (NCDRC) ने चेन्नई के इस फाइव स्टार होटल में लापरवाही के कारण महिला को खराब हेयरकट की वजह से हुई उसकी मानसिक प्रताड़ना के लिए उकी महिला को 2 करोड़ रुपये के बड़े मुआवजे का भुगतान करने का आदेश  दिया है।

    क्या है घटना

    दरअसल घटना के अनुसार  42 वर्षीय महिला आशना रॉय बीते 18 अप्रैल, 2018 को एक महत्वपूर्ण इंटरव्यू से पहले होटल ITC मौर्या के सैलून में हेयरकट के लिए गई थी। महिला की ओर से निर्देश देने के बावजूद हेयरड्रेसर ने उनके लंबे बालों को काटते हुए काफी छोटा कर दिया।

    अपने शुके में महिला ने  कहा है कि वह चश्मा पहनती हैं और हेयरकट के लिए इसे उन्हें उतारना पड़ा था और हेयरड्रेसर ने उन्हें अपना सिर नीचे रखने को भी कहा था। इसके चलते वह मिरर में खुद को नहीं देख सकी और उन्हें तब पता चला जब उनके बालों को  हेयरड्रेसर ने काटे हुए काफी छोटा कर दिया था। हालाँकि सैलून ने इसके बाद महिला से माफी मांगते हुए हेयरकट के लिए महिला को चार्ज नहीं किया था. लेकिन इस बड़ी लापरवाही को करने वाले हेयरड्रेसर के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।

    इसके चलते महिला ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि सैलून के जनरल मैनेजर ने शिकायत करने पर उनके साथ बड़ा ही गलत व्यवहार किया था। इस वजह से उन्होंने ITC होटल्स के CEO, दीपक हक्सर को कॉल किया था। उन्होंने बताया कि होटल ने उन्हें मुफ्त हेयर एक्सटेंशन और ट्रीटमेंट दिया था लेकिन सैलून के कर्मचारियों की लापरवाही से उन्हें दोबारा ऐसी ही मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

    इस शिकायत पर आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता आशना रॉय अपने लंबे और सुंदर बालों के कारण ‘हेयर प्रोडक्ट’ की मॉडल भी थीं और उन्होंने कई बड़े ‘हेयर-केयर ब्रांड’ के लिए मॉडलिंग की है। सलून ने उनके निर्देश से उलट उनके गलत बाल काटे और इसके कारण उन्हें अपने काम से हाथ धोना पड़ा। इससे उन्हें बहुत नुकसान हुआ, उनका पूरा रहन-सहन बदल गया और टॉप मॉडल बनने का उनका सपना भी टूट गया।

    क्या है आयोग का आदेश 

    इसके साथ ही आयोग ने ये भी कहा कि इसके अलावा होटल ‘हेयर ट्रीटमेंट’ में लापरवाही करने का भी बड़ा दोषी है। इससे उनका स्कैल्प जल गया और कर्मचारियों की गलती के कारण अभी भी उसे एलर्जी और खुजली की बड़ी समस्या हुई। बाद में अपने आदेश आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता की तरफ से प्रस्तुत व्हाट्सऐप चैट ही ये साबित करने के लिए पर्याप्त है कि होटल ने अपनी गलती मानी है और इसके एवज में फ्री ‘हेयर ट्रीटमेंट’ देने की पेशकश की थी। 

    इसके बाद अब आयोग ने आदेश दिया कि शिकायत आंशिक रूप से जरुर स्वीकार की जाती है और हमें लगता है कि अगर शिकायतकर्ता को 2,00,00,000 (दो करोड़) रुपये का मुआवजा दिया जाए तो ये उनके साथ न्याय होगा। उन्हें 8 सप्ताह (दो महीने) के अन्दर ये मुआवजे की राशि दी जानी चाहिए। हालाँकि आशना ने आयोग से उन्हें 3 करोड़ रुपये का मुआवजा दिलाने का अनुरोध किया था।