स्पिनरों के प्रदर्शन से निराश दिखे धोनी, अब भी अखर रहे हैं पृथकवास के 14 दिन

शारजाह: चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को पृथकवास में बिताये गये 14 दिन अब भी अखर रहे हैं लेकिन उन्होंने राजस्थान रायल्स के खिलाफ इंडियन प्रीमियर लीग में मंगलवार को मिली 16 रन की हार के लिये अपने स्पिनरों को जिम्मेदार ठहराया। रायल्स ने संजू सैमसन (74) और कप्तान स्टीव स्मिथ (69) की पारियों से सात विकेट पर 216 रन बनाये।

जोफ्रा आर्चर ने आखिरी ओवर में 30 रन जुटाये जिससे अंतर पैदा हुआ। चेन्नई ने छह विकेट पर 200 रन बनाये। उसकी तरफ से फाफ डुप्लेसिस ने 72 रन बनाये। धोनी ने मैच के बाद कहा कि उन्हें बहुत अच्छी शुरुआत की जरूरत थी जो उन्हें नहीं मिली लेकिन उन्होंने रॉयल्स के गेंदबाजों को भी श्रेय दिया।

धोनी ने कहा, ‘‘जब 217 रन का लक्ष्य हो तो हमें बहुत अच्छी शुरुआत की जरूरत थी जो हमें नहीं मिली। स्टीव (स्मिथ) और सैमसन ने बहुत अच्छी बल्लेबाजी की। उनके गेंदबाजों को भी श्रेय जाता है। उनके स्पिनरों ने बल्लेबाजों से गेंद को दूर रखकर अच्छा काम किया। हमारे स्पिनरों ने बहुत अधिक फुललेंथ गेंद करके गलती की। अगर हम उन्हें 200 रन पर रोक लेते तो यह अच्छा मैच होता। ”

चेन्नई के दोनों स्पिनरों पीयूष चावला और रविंद्र जडेजा ने आठ ओवर में 95 रन लुटाये। धोनी ने स्वयं के सातवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिये उतरने के बारे में कहा कि 14 दिन तक पृथकवास पर रहने का खराब प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने लंबे समय से बल्लेबाजी नहीं की है। इसके अलावा 14 दिन के पृथकवास से भी मदद नहीं मिली। मैं सैम (कुरेन) को मौका देकर कुछ नयी चीजें भी आजमाना चाहता था। फाफ (डुप्लेसिस) ने आखिर में अच्छी पारी खेली। ”

रॉयल्स के कप्तान स्मिथ ने सैमसन के लंब शॉट लगाने के कौशल की प्रशंसा की। स्मिथ ने कहा, ‘‘सैमसन ने अविश्वसनीय पारी खेली। ऐसा लग रहा था कि वह हर गेंद पर छक्का जड़ना चाहता है। मैंने उसे अधिक से अधिक स्ट्राइक दी। इससे उसका मनोबल बढ़ेगा। उम्मीद है कि वह आगे भी अच्छा प्रदर्शन करेगा। ” उन्होंने जोस बटलर की वापसी पर बल्लेबाजी क्रम के बारे में कहा, ‘‘मैं नहीं जानता कि जब जोस चयन के लिये उपलब्ध होगा तो मैं किस नंबर पर बल्लेबाजी करूंगा।

जोस जैसे बल्लेबाज से सलामी बल्लेबाज का स्थान लेना मुश्किल है। ” मैन आफ द मैच सैमसन ने कहा, ‘‘मैं लंबे शॉट खेलने की रणनीति से ही क्रीज पर उतरा था। मैं भाग्यशाली रहा कि मुझे फुललेंथ गेंदें खेलने को मिली। मैंने अपनी फिटनेस, अपने खानपान और अभ्यास पर कड़ी मेहनत की। मैं जानता हूं कि मेरा खेल पावरगेम से जुड़ा है और इसलिए मैंने उसी तरह से अभ्यास किया। ”