हतनूर बांध के खोले गए 24 गेट

  •  52,995 क्यूसेक की गति से पानी की निकासी 
  •  झमाझम बारिश से छलकने लगे कई बांध

जलगांव. हतनूर बांध के जल भंडारण क्षेत्र में भले ही बारिश थम चुकी है, लेकिन बुरहानपुर और आसपास क्षेत्रों से पानी की आवक बनी हुई है. जिले के बांध क्षेत्र के पास पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण जिले में बांधों का जल स्तर अच्छी तरह से बढ़ रहा है और कई मध्यम बांध छलकने लगे हैं.  जिले के 3 प्रमुख बांध हतनूर, गिरना और वाघुर में पानी भंडारण 17.74 TMC के करीब हो गया है. 

गुरुवार को गेटों की संख्या 9 से घटाकर 5 कर दी गई थी. गुरुवार को हतनूर बांध क्षेत्र में बारिश के कारण बांध के चौबीस दरवाजे पूरी तरह से खोल दिए गए हैं और बांध से पानी की निकासी कल 52,995 क्यूसेक की गति से शुरू हो गयी है.इस तरह की जानकारी जलगांव सिंचाई विभाग के उप कार्यकारी अभियंता ने एक प्रेस विज्ञप्ति द्वारा दी है.

जिले में 3 प्रमुख बांध

हतनूर, गिरना और वाघुर जिले के तीन प्रमुख बांध हैं.अभोरा, मंगरुल, सुकी, मोर, अग्नावती, हिवरा, बहुला, तोंडापुर, अंजनी, गुल, भोकरबारी, बोरी, मन्याड सहित 13 मध्यम बांध हैं. वहीं 96 लघु बांध हैं.इन सभी परियोजनाओं का कुल अनुमानित भंडार 1427.51 दलघमी अर्थात 50.40 टीएमसी है.जिले में बड़ी परियोजनाओं के उपयोगी भंडार 1027.10 दलघमी अर्थात 36.26 टीएमसी है. गुरुवार पेठ परियोजना में 502.54 दलघमी यानि 17.74 टीएमसी उपयुक्त जल भंडार है.इनमें हतनूर बांध में 1.66 टीएमसी, गिरणा 8.35 टीएमसी तथा वाघूर डैम में 7.73 टीएमसी पानी का भंडारण है.

96 छोटे बांध जिले में

वाघुर बांध के क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों में अच्छी बारिश के कारण, बांध के 8 द्वार 0.1 मीटर खुल गए हैं और 2534 क्यूसेक की गति से बांध से पानी की निकासी शुरू हो गयी है. साथ ही जिले में मध्यम बांधों के अनुमानित उपयोगी भंडार 203.91 दलगामी यानि 7.20 TMC हैं और वर्तमान में इन परियोजनाओं में 154.96 Dalghami यानि 5.47 TMC के उपयोगी भंडार हैं. जिले में 96 छोटे पैमाने की परियोजनाओं में 66.42 दलगामी या 2.35 टीएमसी उपयोगी भंडारण है.

छोटे बांधों के भी द्वार खुले

जिले में तेरह मध्यम परियोजनाओं में से, अहरौरा, मंगरूल, सूकी, अग्नवती, हिवारा, टोंडापुर में 100 प्रतिशत उपयोगी भंडार हैं, जबकि मोर के पास 65.21 प्रतिशत, बाहुला 63.28 प्रतिशत, जग्गी 78.30 प्रतिशत, बोरी 80.53 प्रतिशत और मन्यद 64.20 प्रतिशत उपयोगी भंडार हैं.  अंजनी 37.54 प्रतिशत और भोकरबाड़ी बांध 5.68 प्रतिशत उपयोगी भण्डार, बाहुला बांध के 2 द्वार 0.1 मीटर और बोरी बांध के 3 द्वार 0.15 मीटर खोले गए.