42 लाख लोगों के लिए 300 एंबुलेंस

  • जलगांव जिले में एंबुलेंस का टोटा
  • एंबुलेंस न मिलने से भटक रहे रोगियों के परिजन
  • एंबुलेंस चालक काट रहे चांदी

जलगांव. कोरोना संकट के बीच जलगांव ज़िले में लोगों को एंबुलेंस की कमी की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. 42 लाख नागरिकों के लिए मात्र 300 एंबुलेंस जिले में उपलब्ध है. कोरोना से संक्रमित व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल और घर छोड़ने के लिए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल स्थानांतरित करने से संक्रमित व्यक्ति के परिवारों को एंबुलेंस की कमी से जूझना पड़ रहा हैं. एंबुलेंस की कमी के चलते रोगी के परिजनों से अधिक पैसे ऐंठे जा रहे हैं, इसका सीधा लाभ एंबुलेंस चालकऔर अस्पताल के निजी कर्मी उठा रहे हैं.

ऐंठ रहे निर्धारित किराया से अधिक पैसे

इस गंभीर समस्या के प्रति जिला प्रशासन तथा स्थानीय अधिकारियों ने अनदेखी कर रखी है जिसके चलते मरीजों के परिवारों से आर्थिक लूट मची हुई है. मरीजों के अनुपात के अनुसार जिले में एंबुलेंस उपलब्ध कराने और मनमाने किराए पर प्रतिबंध लगाने की मांग संक्रमित व्यक्ति के परिजनों ने की है.

6 माह से कोरोना ढा रहा कहर

मार्च से लेकर सितंबर तक इन 6 महीनों में कोरोना वायरस इस जिले में कहर बरपा रखा है. संक्रमण के कारण 1000 से भी अधिक व्यक्ति की मौत हो चुकी है.वहीं संक्रमित व्यक्तियों की संख्या 40000 से भी अधिक हो चुकी है. इसी प्रकार से जिला परिषद के अधिकारी ने यह संख्या डेढ़ लाख तक पहुंचने का अनुमान व्यक्त किया है. अगर इस संख्या के अनुसार जिले में मरीजों की संख्या बढ़ती हैं तो मरीजों को पर्याप्त मात्रा में चिकित्सा सामग्री अस्पताल और बैड इसी तरह से सबसे महत्वपूर्ण एंबुलेंस की कमी से जूझना पड़ेगा अभी भी इस कमी से जूझना पड़ रहा है.

 उदासीनता से धूल फांक रहीं एंबुलेंस

जलगांव ज़िले में 42 लाख नागरिक 15 तालुका में विभाजित हैं. इन नागरिकों के इलाज के लिए प्रशासन ने  एक जिला अस्पताल तथा मेडिकल कॉलेज, तीन उप – जिला अस्पताल, 18 ग्रामीण अस्पताल और 77 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था की है.इन सभी अस्पतालों में लगभग डेढ़ सौ सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध हैं.

ज़िले में 108 सुविधाओं के तहत 34 एम्बुलेंस विभिन्न क्षेत्रों से संचालित की जा रही है. 9 एम्बुलेंस  हृदय कार्डिक की हैं. बाकी एंबुलेंस सामान्य और ऑक्सीजन सुविधा से लैस हैं.  कुछ  प्रशासन की उदासीनता के कारण एम्बुलेंस खस्ता हालत होने के कारण भंगार में धूल झोंक रही हैं.

नियंत्रण से बाहर हो रही स्थिति

2011 की जनगणना के अनुसार, जलगांव जिले की जनसंख्या लगभग 42 लाख 30 हजार है.  इस जनगणना के 9 साल बाद की बाद  तो अब यह संख्या लाखों में बढ़ सकती है. हालांकि, लाखों की इतनी बड़ी आबादी के लिए एम्बुलेंस की संख्या उंगलियों पर गिनने इतनी है. जलगांव जिले में कोरोना की हालत नाजुक बनी हुई है, मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. नतीजतन स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही है. एंबुलेंस की कमी के कारण अभी तक जिले में मौत तो नहीं हुई किंतु इससे इनकार भी नहीं किया जा सकता. समय रहते मरीजों को लाने ले जाने और उनके अंतिम संस्कार कराने पर्याप्त मात्रा में एंबुलेंस उपलब्ध कराने की आवाज उठाई जा रही है.