लगातार बारिश से ओवरफ्लो हुए 7 बांध, हतनूर डैम के खोले गए 24 गेट

  • बारिश ने रोकी जनजीवन की रफ्तार

जलगांव. जिले में सावन की झड़ी लगी हुई है. 4 दिनों से लगातार रिमझिम बारिश ने जिले की अर्थव्यवस्था के साथ ही जनजीवन की रफ्तार को रोक दिया है. जोरदार बारिश के कारण अधिकांश इलाकों में पानी जमा हुआ है. 7 जलाशय ओवरफ्लो होकर बह रहे हैं, वहीं ज़िले का सबसे बड़ा  जलाशय हतनूर बांध धेत्र में जोरदार बारिश शुरू होने के कारण प्रशासन बांध के 24 गेटों को पूरी क्षमता से खोल दिया है.

नदी किनारे की बस्तियों को चेतावनी

ताप्ती नदी में शुक्रवार को 75125 क्यूसेस पानी छोड़ा गया है. ज़िला प्रशासन ने नदी किनारे स्थित नागरिकों को सतर्कता बरतने की चेतावनी दी है. इस वर्ष कोरोना वायरस के कारण अर्थव्यवस्था की गति थम सी गई है. प्रदूषण कम होने के कारण इस साल झमाझम बारिश हो रही है. जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. किसानों ने संतोष व्यक्त किया है. गत 2 दिनों से मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. रोजाना मजदूरी करने वाले मजदूरों की रोजी-रोटी के लाले पड़ गए हैं. ज़िले के कई हिस्सों में बुधवार शाम से लगातार बारिश हो रही है.

ताप्ती नदी उफान पर

जलगांव मुक्तताई नगर और बुरहानपुर इलाके में हो रही बारिश के कारण ताप्ती नदी पूरे उफान पर है. इस बारिश से बहुत राहत मिली है. जहां लोगों को गर्मी से निजात मिली, वहीं किसानों के चेहरे भी खिले हुए हैं. मौसम विभाग का कहना है कि ज़िले के ज्यादातर हिस्सों में अगले 2-3 दिन और तेज बारिश  देखने को मिलेगी.

रिमझिम बरसात से टैफिक हुई प्रभावित

खानदेश में पिछले 3 दिनों से इस मानसून की सबसे ज्यादा बारिश हुई. निचले इलाकों में पानी भरने से ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ. मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान रिकॉर्ड वर्षा दर्ज कराई गई. जलगांव में अब तक सामान्‍य मॉनसून की तुलना में 7 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है. अगले 2-3 दिन तक बारिश जारी रहने की संभावना बताई गई है. मौसम विभाग का कहना है कि जलगांव और धुलिया के आसपास के इलाकों में अगले हफ्ते तक मानसून एक्टिव रहेगा. बुधवार सुबह से ही हुई झमाझम वर्षा से मौसम सुहाना हो गया.

पानी जमा होने से हलाकान लोग

वहीं, भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिली. इस वर्षा को लोगों ने वर्षा ऋतु की अब तक की सबसे अच्छी बरसात बताया है. वर्षा के चलते नगर के निचले इलाकों एक बार फिर पानी की निकासी नहीं होने के कारण परेशानी से रूबरू होना पड़ा.

खानदेश में बारिश से राहत

खानदेश में पिछले सप्ताह से सुबह से शाम तक आसमान में काले बादल तो छाए रहते थे, लेकिन बरसने का नाम नहीं लेते थे. बादलों के छाए रहने और हवा नहीं चलने से गर्मी और उमस से लोग परेशान थे. इन्द्र देवता से बरसने की प्रार्थना कर रहे थे. आखिरकार इन्द्रदेव प्रसन्न हुए और बुधवार सुबह 5 बजे से बरसने का सिलसिला शुरू किया तो कभी-कभी रुक-रुककर तो कभी जमकर बरसे. लगातार वर्षा होने से बच्चों ने सड़कों पर निकलकर वर्षा का आनंद लिया. वहीं लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली. लेकिन वर्षा ने एक बार फिर पालिका के सफाई कार्य की कलई खोल दी. नाले अटे पडे़ थे और उनसे पानी बह रहा था.

जलगांव-धुलिया मार्ग का बुरा हाल

जलगांव -धुलिया हाईवे का बुरा हाल था. खस्ताहाल सड़क जहां जमा पानी तालाब का रूप लिए हुए था. वाहन चालक कड़ी मशक्कत कर वाहन चला रहे हैं. वहीं सूरत-नागपुर फोरलेन मार्ग का निर्माण अतिशय किया जा रहा है जिसके कारण सड़कों की और हालत खस्ता हो गई है जिसकी मरम्मत की ओर लोक निर्माण विभाग ने अनदेखी कर रखी है. मानसून की झमाझम बारिश ने वाहन चालकों के लिए परेशानी खड़ी कर दी है.