Asha sevikas protested by tying black tape for various demands

    धुलिया. अपनी लंबित मांगों की ओर ध्यान आकर्षित कराने के लिए आशा सेविकाओं ने काला फीता (Black Ribbon) बांध कर आंदोलन किया। संगठन ने नगर आयुक्त को दिए ज्ञापन में कहा कि सरकार ने पिछले 10 से 12 वर्षों से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (National Health Mission) के तहत काम कर रहीं आशा कार्यकर्ताओं की मांगों को लंबित रखा है। 

    सरकार इन मांगों के लिए संघर्ष कर रही है, लेकिन इसकी अनदेखी की जा रही है। इन मांगों की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए आशा सेविकाओं और समूह के प्रमोटरों ने बुधवार को काले रिबन के साथ विरोध प्रदर्शन (Protest) किया। 

    साल का 2000 रु. मानधन दे सरकार

    आशा सेविकाओं को हर साल सरकार की ओर से 2000 रुपए दिए जाने चाहिए, साथ ही समूह प्रमुख का रिपोर्ट तैयार करने के लिए लैपटॉप भी दिया जाना चाहिए। आशा कार्यकर्ताओं को मोबाइल दिया जाए।  उनका और उनके परिवारों का प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण किया जाए। प्रसव के लिए मुआवजा दिया जाए। उन्होंने बच्चे के जन्म के समय सख्त मुआवजे और कोविड-19 के दौरान उन पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।