भाजपाइयों ने किया भारी भरकम बिजली बिल का विरोध

जलगांव. भारी भरकम बिल थमाए जाने के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को गुरु शिष्य प्रतिमा के पास बिजली बिल की होली जलाकर विरोध प्रदर्शन किया. पूर्व केन्द्रीय मंत्री तथा सांसद डॉक्टर सुभाष भामरे ने बताया कि महाराष्ट्र में जबसे महाविकास आघाडी  की सरकार बनी है, तब से प्रदेश के आमजन एवं किसानों के हाथों में भारी भरकम बिजली बिल थमाए जा रहे हैं. महाविकास आघाडी सरकार ने लॉकडाउन अवधि के बड़े बिजली बिलों में छूट देने की घोषणा की थी. लेकिन अब ऊर्जा मंत्री बोल रहे हैं कि बिजली बिल में कोई छूट नहीं दी जाएगी और लोगों को पूरा बिजली बिल भरना होगा. वहीं दूसरी तरफ महावितरण द्वारा सख्ती से बिजली बिल वसूला जा रहा है. महाविकास आघाडी सरकार ने जनता के साथ विश्वासघात किया है. इस सरकार को सत्ता के घमंड से बाहर निकालने के लिए भाजपा बिजली बिलों की होली जलाई है. सरकार की दगाबाजी को और जनता के साथ हुए धोखे को भाजपा कताई बर्दाश्त नहीं करेगी.

तीन माह का बिजली बिल माफ करने की मांग

सरकार के इस जन विरोधी फैसले को देखते हुए भाजपा ने पूरे राज्य में सोई हुई ठाकरे सरकार को जगाने बिल की होली जलाने का आह्वान किया था. खानदेश में भाजपा जनों ने भारी तादाद में एक साथ सम्भाग भाजपाईयों ने विभिन्न स्थानों पर बिजली बिल जलाए.  जिलाध्यक्ष अनूप अग्रवाल  ने बिजली विभाग के अधिकारियों को चेताया कि जो बिल गरीबों को दिए हैं, उनकी पुन: जांच कर बिजली बिल की राशि कम की जाए, वैश्विक महामारी के समय आमजनों का तीन माह का बिजली बिल माफ किया जाए. अन्यथा भाजपा आमजन एवं किसानों के साथ सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ सड़क पर उतरेगी.

जलगांव में टॉवर चौक पर भी जलाई गई बिजली बिलों की होली

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य सरकार की बिजली बिल नीति के विरोध में टॉवर चौक पर बिजली बिलों की होली जलाई. इससे पहले भाजपा की ओरसे वसंत स्मृति कार्यालय से टॉवर चौक तक एक मोर्चा निकाला गया. प्रदेश सरकार की निति और बिजली बिलों की वृद्धि को लेकर घोषणाएं देते हुए कार्यकर्ता तथा पदाधिकारियों ने बिलों की होली जलाई. जिलाध्यक्ष तथा विधायक सुरेश भोले ने इस समय कहा कि जब तक बिजली बिल माफ़ नहीं होंगे वह मंत्रियों को सडकों पर चलने नहीं देंगे. भोले ने कहा कि आघाडी सरकार ने नागरिकों को गुमराह किया है. महाराष्ट्र विकास आघाड़ी सरकार के ऊर्जा मंत्री नितिन राउत ने लॉकडाउन के दौरान बढ़ी हुई बिजली बिल पर लोगों को 50 फीसदी तक रियायत देने का वादा किया था, लेकिन बाद में राउत इस वादे से पलट गए.

गरीब लोगों के साथ विश्वासघात

बीजेपी विधायक भोले ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से गरीब लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है. ऐसे में महाराष्ट्र सरकार को इन लोगों के लिए विशेष पैकेज की घोषणा करनी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने बढ़ी हुई बिजली बिल भेज कर उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी है. यह गरीब लोगों के साथ विश्वासघात है. इस अवसर पर महानगर जिलाध्यक्ष दीपक सूर्यवंशी, महापौर भारती सोनवणे, भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष उज्ज्वला बेंडाले,उप महापौर सुनील खड़के, महिला एवं बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष रंजना सपकाले, चेतन सनकत, डॉ. अश्विन सोनवणे, कैलास सोनवणे,शुचिता हाड़ा, विशाल त्रिपाठी, दिलीप पोकले, नवनाथ दारकुंडे, जितेंद्र मराठे, अमित काले, दीप्ति चिरमाडे,डॉ राधेश्याम चौधरी, पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे.

शिरपुर में भी आंदोलन, 50% सहूलियत की  मांग

उधर, शिरपुर में कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस व शिवसेना की महाविकास आघाडी सरकार को बिजली बिल में सहुलियत के लिए बाध्य करने के लिए भारतीय जनता पार्टी शिरपुर इकाई की ओर से विधायक काशिराम पावरा, प्रदेश सदस्य बबनराव चौधरी, जिला परिषद अध्यक्ष डॉ. तुषार रंधे के नेतृत्व में पांच कंदीर चौराहे पर  बिजली बिल दहन आंदोलन किया गया.

इस वक्त शिरपुर जनपद के अध्यक्ष सत्तारसिंग पावरा, भाजपा धुलिया जिला सरचिटणीस अरूण धोबी, भाजपा तहसीलाध्यक्ष किशोर माली, शहर अध्यक्ष हेमंत पाटील, नरेंद्रसिंग सिसोदिया, योगेश बादल, रमण पावरा, कें. डी. पाटिल, एन. डी. पाटिल, चंद्रकांत पाटिल, संजय आसापुरे, नारायण चौधरी, जयवंत पाडवी, मंगेश भदाणे, सुनिल चौधरी, पिंटू बंजारा, महेंद्र पाटिल, प्रशांत चौधरी आदि बड़ी संख्या में उपस्थित थे.