अस्पताल के उद्घाटन में कोरोना नियमों की उड़ीं धज्जियां

  • कई कार्यकर्ता नहीं लगाए थे मास्क
  • सोशल डिस्टेंसिंग का भी नहीं रखा गया ख्याल

जलगांव. जिले के जामनेर में जी. एम. फाउंडेशन द्वारा संचालित ग्लोबल महाराष्ट्र सुपर मल्टीस्पेशालिटी अस्पताल (Global Maharashtra Super Multispeciality Hospital) के उद्घाटन समारोह में विधायक गिरीश महाजन सहित भाजपा कार्यकर्ताओं ने सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) की जमकर धज्जियां उड़ाईं. इस दौरान प्रशासन मूक दर्शक बना रहा.आम आदमी पर कोरोना नियमों के उल्लंघन करने पर पुलिस और राजस्व विभाग का डंडा चलता है, किंतु विधायक महाजन ने सभी नियमों को ताक पर रख कर अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया है. उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग नागरिकों द्वारा की जा रही है. वहीं कांग्रेसियों ने आरोप लगाया है कि विधायक गिरीश महाजन स्वयं को क़ानून के ऊपर समझते हैं. उन्होंने जान-बूझकर नियमों का उल्लंघन किया है.

प्रशासन भी नहीं दिया ध्यान

प्रदेश के पूर्व मंत्री तथा विधायक गिरीश महाजन (MLA Girish Mahajan) के फाउंडेशन के तहत इस अस्पताल का निर्माण हुआ है. जिसका उद्घाटन समारोह मंगलवार को हुआ. समारोह के दौरान भारी संख्या में लोग मौजूद थे.आम लोगों को फिजिकल डिस्टेन्सिंग को लेकर प्रशासन और नेताओं की ओर से कानून, नियम दिखाए जाते हैं, वहीं इतने जिम्मेदार लोगों द्वारा तोड़े गये नियमों की ओर शासन, प्रशासन ने गंभीरता से ध्यान नहीं दिया. इस बात को लेकर लोगों ने गहरा रोष जताया.

आखिर इतनी संख्या में कैसे उपस्थित हुए लोग

कोरोना संकट के चलते सभी आम जगहों पर समारोह आयोजित करने पर बंदी लगाई हुई है. यहां तक की शादी–ब्याह और मौत के दौरान भी चुनिंदा लोगों की उपस्थिति आवश्यक रखी गई है.वहीं जामनेर में अस्पताल के उद्घाटन के दौरान सभी नियमों को ताक पर रखा गया. इस समय बड़ी संख्या में लोग मौजूद देखे गये.मौजूद लोगों समेत नेताओं ने भी सोशल डिस्टेन्सिंग की ओर ध्यान नहीं दिया.यह दृश्य देखनेवाले लोगों ने नेताओं को आड़े हाथों लेकर सोशल मीडिया में मिम्स भी बना डाले.

सारे नियम-कानून क्या जनता के लिए

नागरिकों का कहना है कि सारे नियम सिर्फ आम लोगों के लिए ही कैसे हैं? जबकि नेतागण सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं. इस ओर क्यों अनदेखी की जा रही है?. राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कोरोना को लेकर राजयव्यापी बैठक ली और महाराष्ट्र में कई कड़े निर्णय, निर्देश जारी किये. सोशल डिस्टेन्सिंग के पालन को तो वरीयता दी गयी. सभा, बैठकों, शादियां, यहां तक की मौत के समय भी कितने रिश्तेदार इकट्ठा हो सकते हैं. यह तक कड़ाई से लागू किया गया. आम लोगों से मास्क को लेकर सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन भी हो रहा है. वहीं जिम्मेदार नेताओं द्वारा ही नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. इस बात को लेकर लोगों में रोष व्याप्त है. लोगों का कहना है कि आम लोगों के लिए एक न्याय और नेताओं के लिए अलग से कोई विशेष प्रावधान रखा है? गिरीश महाजन द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान भारी भीड़ इकट्ठा हुई थी. कई लोगों ने मास्क भी नहीं लगाए हुए थे.कई कार्यकर्ता बगैर मास्क के दिखे.

अधिकारियों की कार्रवाई पर लगीं निगाहें

इस भीड़ में अगर कोई कोरोना बाधित हो तो स्वास्थ्य यंत्रणा के सामने बड़ी समस्या आ सकती है. नेताओं ने इस बात की ओर ध्यान ही नहीं दिया. सोशल डिस्टेन्सिंग को लेकर आम लोगों के प्रति सख्ती बरतने वाले अधिकारी अब आगे क्या कार्रवाई करते हैं. इस ओर लोगों की नजरें लगी हुई हैं. क्योंकि सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन न करने पर शासन, प्रशासन द्वारा आम लोगों के खिलाफ गुनाह तक दाखिल हो रहे हैं. दुकानें सील की जा रही हैं. सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन करने के निर्देश प्रशासन द्वारा लोगों को दिए जा रहे हैं. नेता भी लोगों को ज्ञान सिखा रहे हैं, पर खुद उस पर अमल नहीं कर रहे हैं. नेताओं की सभा,बैठकों और उद्घाटनों के कार्यक्रमों में लोगों की भीड़ मच रही है. नेता और सरकारी यंत्रणा इस ओर अनदेखी कर रही है. जामनेर को लेकर जिला प्रशासन क्या कार्रवाई करता है इस ओर सभी की नजरें लगी हुई है.

कोरोना को लेकर बीजेपी पूरे राज्य में आघाड़ी सरकार को घेरने की घिनौनी राजनीति कर रही है. वहीं जामनेर में भाजपाइयों ने खुलेआम नियमों का उल्लंघन कर संक्रमण फैलाने का काम किया है. इस बात को लेकर जिलाधिकारी को संबंधितों पर कार्रवाई करनी चाहिए.

-अभिषेक पाटिल, जिलाध्यक्ष राकां महानगर