सातवें वेतन आयोग की त्रुटियों को दूर करें

  • कवि बहिनाबाई चौधरी उमवि पिछड़ा वर्ग कर्मचारी संघ की मांग

जलगांव. कवि बहिनाबाई चौधरी उत्तर महाराष्ट्र विश्वविद्यालय पिछड़ा वर्ग कर्मचारी संघ ने महाराष्ट्र सरकार और कुलपति से  वेतन आयोग में त्रुटियों को तुरंत सुधारने की मांग की है। इस बारे में उन्हें ज्ञापन दिया गया। संघ ने ज्ञापन में बताया है कि विश्वविद्यालय के गैर-शिक्षण कर्मचारियों को अन्य सरकारी कर्मियों की भांति 1 जनवरी 2016 से 31 अक्टूबर 2020 तक की अवधि की बकाया राशि सरकार द्वारा निर्धारित की जाए।

इसी तरह से अन्य मांगें की गई हैं, जिसमें पांचवें वेतन आयोग में त्रुटि सरकार द्वारा ठीक की जाए और छठे वेतन आयोग के वेतनमान का भुगतान किया जाना चाहिए और कर्मचारियों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूले जाने की मांग की गई है।

मात्र 14 पदों को आयोग का लाभ

कवि बाहिनाबाई चौधरी उत्तर महाराष्ट्र विश्वविद्यालय को सरकार द्वारा केवल 14 पदों के लिए 7 वें वेतन आयोग का लाभ दिया गया है। 2012 में लगे 68 कर्मियों को सातवें वेतन आयोग लागू नहीं किया गया है। इसलिए केवल 30 प्रतिशत कर्मचारी त्रुटि वेतन आयोग के लिए पात्र होंगे, कुलपति से मांग की है कि उनके स्तर पर सिफारिश सरकार से करें।

इस प्रकार की मांग ज्ञापन सौंपकर कवियत्री बहिणाबाई चौधरी उत्तर महाराष्ट्र विश्वविद्यालय मागासवर्गीय कर्मचारी संगठन अध्यक्ष जयंत सोनवणे, सचिव अरुण सपकाले,उपाध्यक्ष विकास बिऱ्हाडे, कोषाध्यक्ष सुभाष पवार, सदस्य राजू सोनवणे, कार्याध्यक्ष अजमल जाधव, सुनील सपकाले आदि ने की है।