भाजपा की बैठक से ज्यादा खड़से के आवास पर जुटी भीड़

  • गिरीश महाजन के खेमें में हड़कंप

जलगांव. वरिष्ठ नेता एकनाथ खड़से बीजेपी छोड़कर एनसीपी में शामिल हो गए. एनसीपी में शामिल होने के बाद अब खड़से ने धीरे-धीरे ताकत दिखाना शुरू कर दिया है. क्योंकि जलगांव भाजपा ने कल पार्टी की एक बैठक बुलाई, इस समय देखा गया कि भाजपा मजबूतीकरण बैठक में जितने कार्यकर्ता थे, उससे ज्यादा तो खड़से के आवास पर कार्यकर्ताओं की भीड़ लगी हुई थी.

खड़से ने भाजपा को दी खुली चुनौती

एक प्रकार से भजपा के बागी नेता खडसे ने उनकी पुरानी पार्टी को खुली चुनौती दे डाली है. पूरे जिले में बीजेपी ने संगठन मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है. भाजपा की बैठक के दिन ही खड़से ने शक्ति प्रदर्शन किया, जिसके कारण गिरीश महाजन के खेमे में घबराहट मची है. खड़से के अभेद किले में महाजन आने से परहेज किया है, जिससे खड़से समर्थकों में ख़ुशी की लहर में देखी गयी.

मुक्ताईनगर खड़से का अभी भी अभेद किला

खड़से के समर्थकों का दावा है कि भाजपा की बैठक से ज्यादा कार्यकर्ताओं की संख्या खड़से के आवास पर थी. भाजपा को मजबूत बनाने के लिए जलगांव समेत मुक्ताईनगर और अन्य तहसीलों में बैठकों का आयोजन किया गया. मुक्ताईनगर खड़से का अभेद  किला है. यहां भी भाजपा ने बैठक का आयोजन कर दिखाने की कोशिश कि भाजपा से अभी भी कार्यकर्ता जुड़े हुए हैं. भाजपा ने भुसावल, रावेर में बैठकें आयोजित कीं. हालांकि, इन बैठकों में केवल कुछ स्थानीय कार्यकर्ता ही मौजूद थे.

महाजन ही बैठक से नदारद

पूर्व मंत्री गिरीश महाजन ने स्वयं इन बैठकों में हाजिर नहीं थे.कुछ दिन पहले गिरीश महाजन ने कहा था कि खडसे के जाने से भाजपा पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा.हालांकि, तस्वीर यह है कि बीजेपी द्वारा बुलाई गई पार्टी की बैठक की तुलना में खडसे को बधाई देने वाले कार्यकर्ताओं की भीड़ ज्यादा थी .

भाजपा कार्यकर्ताओं ने मोड़ा मुंह

जिला अध्यक्ष  तथा विधायक सुरेश भोले ने कहा कि मुंबई में महत्वपूर्ण कार्य होने के कारण गिरीश महाजन बैठक में शामिल नहीं हो सके. यह भी देखा गया कि अधिकांश कार्यकर्ताओं ने इस बैठक से मुंह मोड़ लिया था . एकनाथ खडसे अब एनसीपी में शामिल हो गए हैं, इसलिए राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि एनसीपी को खानदेश में अब अच्छे दिन आना है.

चुनावों में भाजपा को लग सकते हैं झटके

कुल मिलाकर, भाजपा को हर चुनाव में हर विफलता का सामना करना पड़ेगा. गिरीश महाजन को अब इस चुनौती का सामना करना पड़ेगा.यह अगले चुनावों में समझा जाएगा कि गिरीश महाजन जलगांव जिले में भाजपा को बढ़ाएंगे या उसके पास जितनी सीटें होंगी, उसे बरकरार रखेंगे.

पद की लालसा में राकां में शामिल नहीं

एनसीपी में शामिल होने के बाद चर्चा है कि एकनाथ खड़से को विधान परिषद से विधायक बनाया जाएगा. इस पर बात करते हुए एकनाथ खडसे ने कहा, “मैं किसी पद की उम्मीद में राकां में शामिल नहीं हुआ था और मैंने विधायक या सांसद के लिए नहीं कहा था.” लेकिन खड़से ने दोहराया कि अगर उन्हें पद मिलता है तो वे खुश होंगे.