कोरोना से निधन, साथियों ने की परिवार की आर्थिक मदद

साक्री. साथी के निधन पर शिव महाराष्ट्र प्रतिष्ठान शैक्षिक संस्था के चालक व  साथियों ने उसके परिवार जनों को डेढ़ लाख रुपये देकर इस दुख की घड़ी में उनका मनोबल बढ़ाया. अंशकालिक कर्मचारी को भविष्य निर्वाह निधि से लेकर पेंशन तक कोई भी लाभ नहीं मिलता. तहसील क्षेत्र के ग्राम इंदवे के नूतन माध्यमिक विद्यालय में ज्ञानेश्वर देवरे (52) लाइब्रेरियन के अंशकालीन पद पर कार्यरत थे. हाल ही वे कोरोना संक्रमण की चपेट में आए और उसी में उनका देहांत हो गया.एक पखवाड़े में एक ही शैक्षिक विद्यालय के सुपरवाइजर शिक्षक डी.पी. शिंदे, नाईक चपरासी नामदेव खैरनार और ज्ञानेश्वर देवरे  तीनों का कोरोना से निधन हो गया.

देवरे लाइब्रेरी में थे अंशकालीन कर्मी

लाइब्रेरियन देवरे अंशकालिक कर्मचारी थे. उनके परिवार को कोई भी लाभ मिलने की संभावना नहीं थी.ऐसे में शिव महाराष्ट्र प्रतिष्ठान के अध्यक्ष बी.एस.पाटिल,सेक्रेटरी एड़. एस.जे.भामरे, उपाध्यक्ष दिनकर देवरे, सदस्य न्यासी डॉ.पी.डी. देवरे, प्रमिलाबाई देसले, संजय देसले आदि चालक सदस्यों ने  एक समिति गठित की. जिसके जरिए संस्था के तीन विद्यालयों के कर्मचारियों ने मिलकर ज्ञानेश्वर देवरे के परिवार को मदद करने हेतु डेढ़ लाख रुपये की राशि का योगदान दिया.

श्रद्धांजिल देने शोकसभा

लाइब्रेरियन देवरे की असामयिक मौत के बाद उनको श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए ग्राम इंदवे के विद्यालय में शोकसभा का आयोजन किया गया. संस्था चालकों के अलावा नंदुरबार नगरपालिका की पूर्व पार्षद रत्नमाला पाटिल, तीनों विद्यालयों के हेडमास्टर एस.एम.पाटिल के.डी. सोनवणे, के.एच.मोरे,  सुपरवाईजर ए.एन.देसले मंच पर उपस्थित थे.

परिजनों को दिया डेढ़ लाख

मृतक देवरे की पत्नी मनीष देवरे, पुत्री सायली देवरे, पुत्र धीरज तथा ईश्वर देवरे को उक्त शोकसभा के आयोजन के दरम्यान मदद राशि डेढ़ लाख रूपये  सुपुर्द की गई. हेडमास्टर पाटिल, सोनवणे तथा विलास देसले ने शोक संबोधन किया. वी.एम.देवरे ने संचालन किया. बालकृष्ण तोरवने, ए.जी.पाटिल, डी.बी.देवरे, ए.आर.पाटिल, विनोद शेवाले, एम.जी.देवरे, तुषार  गायत्री पाटिल, शोभा पाटिल आदि उपस्थित थे.