Resolution to make district malaria free by 2025: Dr. Pendharkar

  • नागरिक परेशान, दोनों बीमारियों के बढ़ रहे मरीज

जलगांव. शहर में पिछले दिनों से कोरोना के मरीजों में वृद्धि होते हुए नजर आ रही है. अब इसमें डेंगू की भी दस्तक से शहर में दोनों बीमारियों के मरीजों में वृद्धि हो रही है. पिछले छह से सात महीनों से नागरिकों के सहयोग से प्रशासन कोरोना बीमारी पर अंकुश लगाने में लगा रहा. कोरोना यहां नियंत्रण में भी आया, अब डेंगू ने प्रशासन समेत स्वास्थ्य विभाग का सिर दर्द बढ़ा दिया है. शहर में अब डेंगू पॉजिटिव रोगियों की संख्या में वृद्धि हो रही है. अक्टूबर में कोरोना के मरीजों की संख्या यहां कम होते नजर आ रही थी. 

इस बीच, पिछले साल की तरह अक्टूबर और नवंबर में यहां डेंगू के मामलों में वृद्धि सामने आयी है. प्राप्त जानकारी के अनुसार इसी महीने में शहर में डेंगू के 43 मरीज मिले हैं. 

डेंगू पिछले पांच से छह वर्षों से शहर और जिले में फैल रहा है. हालांकि सरकारी आंकड़े कम हैं, निजी अस्पतालों में इलाज कराने वाले डेंगू रोगियों की संख्या बहुत अधिक है. इस साल कोरोना के बढ़ते ही डेंगू के मरीजों में कमी आयी थी. अप्रैल से सितंबर तक के छह महीनों में कोरोना कहर कर रहा था. वह अक्टूबर महीने से कम होना शुरू हो गया था. नवंबर के अंत में कोरोना के रोगियों में फिर से वृद्धि शुरू हो गई. इसमें अब डेंगू के बढ़ने से स्वास्थ्य प्रणाली सतर्कता बरतने में लग गयी है. 

हर साल अगस्त के बाद डेंगू का संक्रमण बढ़ने लगता है. पिछले साल भी 2019 में अप्रैल और जून के बीच, ग्रामीण इलाकों में से प्रत्येक में एक डेंगू पॉजिटिव मरीजों की सूचना मिली थी.  इसके बाद सितंबर 2019 में, ग्रामीण संभाग में 7 और संपूर्ण जिले में डेंगू के 14 रोगी मिले थे. अक्टूबर 2019 में, यह संख्या जलगांव जिले में 87 थी. महानगर पालिका क्षेत्र में 37 और ग्रामीण क्षेत्रों में 50 मरीज मिले थे. 

वर्ष 2020 में अब तक जिले में 49 डेंगू पॉजिटिव रोगियों का पता चला है. इसमें से शहर में 6 मरीज सामने आएं हैं. यह आंकड़े सिर्फ सरकारी अस्पतालों से प्राप्त हैं. जलगांव शहर समेत जिले में बीते 10 महीनों में 49 रोगी मिले हैं. इसमें महानगरपालिका क्षेत्र में 6 और ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 43 रोगी पाए गए.

अक्टूबर 2020 में शहर में 4 और ग्रामीण संभाग में 19 ऐसे कुल 23 रोगी मिले थे. जिला मलेरिया विभाग के माध्यम से जनवरी से दिसंबर 2020 तक 3 लाख 30 हजार रक्त के नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए थे. इसमें से तीन नमूने दूषित पाए गए. सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार जिले में मलेरिया के रोगियों की संख्या में भारी कमी आई है.