कोरोना सर्वेक्षण से शिक्षकों को मुक्त करें

  • प्रोटान एसो. ने की मांग

भुसावल. प्रोटॉन एसोसिएशन ने तालुका में प्रोफेसरों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की ड्यूटी कोरोना सर्वेक्षण में लगाने का विरोध किया है और इसे निरस्त करने की मांग की तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर किया है. ज्ञापन में एसोसिएशन ने बताया है कि शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने संकट के समय में सरकार की मदद की है. कोविड -19 प्रदूषण के दौरान पोस्ट बैरल सेवा की जांच की, सस्ते अनाज सेवा अलगाव केंद्र में सेवा, इतना नहीं घर-घर जाकर भी सर्वे किया गया है.

विद्यालयों में निभा रहे जिम्मेदारी

सभी शिक्षक 15 जून से स्कूलों और कॉलेजों में नियमित रूप से ऑनलाइन शिक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे हैं. सभी ऑफ़लाइन प्रवेश प्रक्रिया शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों द्वारा की जा रही है. इसलिए  कोरोना सर्वेक्षण से इन्हें मुक्त कर दिया जाना चाहिए. इस तरह की मांग प्रोटॉन एसोसिएशन ने मांग की है .इसी तरह जिन शिक्षकों को उच्च रक्तचाप , मधुमेह  हैं. उन्हें तुरंत कोरोना सर्वेक्षण से मुक्त किया जाए, ऐसी मांग प्रोटॉन एसोसिएशन ने तहसीलदार दीपक धीवर को ज्ञापन सौंप कर की है. इस समय वरिष्ठ शिक्षक सुभाष एस पाटिल, दीपक तायडे, बालू ल्हासे, समधन जाधव, बीडी सुरवाडे, योगेश सुरवाडे और सचिव काकड़े उपस्थित थे.