ओबीसी समाज की समस्याओं को लेकर धुलिया में मोर्चा

  • ओबीसी आरक्षण से छेड़छाड़ किए बिना मराठों को दिया जाए आरक्षण

धुलिया. ओबीसी (OBC) समुदाय की विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को भव्य मोर्चा निकालकर मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया गया. मोर्चे में विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी शामिल थे.

मोर्चे के दौरान यहां आए नेताओं ने कहा कि प्रदेश में ओबीसी समाज की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है. ओबीसी (OBC Reservation) आरक्षण बचाने के लिए उच्चतम न्यायालय में वकील नियुक्त किया जाए और मराठा समाज को ओबीसी आरक्षण कोटे को छेड़छाड़ किए बिना आरक्षण देने की मांग की. यह मोर्चा धुलिया में महात्मा फुले समता परिषद के बैनर तले विभिन्न ओबीसी समुदायों की संगठनों के माध्यम से निकाला गया.

डॉ. बाबासाहेब आम्बेडकर और छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर मोर्चा शुरू हुआ. शहर की मुख्य सड़क से पैदल चलते हुए पदाधिकारी व कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और यहां  मांगों का ज्ञापन डीएम यादव को सौंपा गया.

वाणी समाज के प्रदेश अध्यक्ष अनिल तुकाराम नेरकर ने संबोधित करते हुए कहा कि मराठा समुदाय को आरक्षण देने के खिलाफ हम नहीं हैं, लेकिन आरक्षण देते समय ओबीसी आरक्षण के साथ छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए. ओबीसी समुदाय की जनगणना करनी चाहिए. शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों को पूर्ण 100 प्रतिशत सहूलतें दी जानी चाहिए, नॉन क्रिमिलियर प्रमाण पत्र की आय सीमा बढ़ाई जानी चाहिए. लड़कियों की पहली स्कूल जिस भिड़े बाड़े (पुणे) में शुरू हुई थी, उस बाड़े को राष्ट्रीय स्मारक के रूप में घोषित किया जाना चाहिए. 

समता परिषद के जिला अध्यक्ष राजेश बागुल ने कहा कि मराठा समाज को ओबीसी में शामिल नहीं किया जाए, उनके लिए अलग से आरक्षण व्यवस्था लागू करें. हालांकि अगर मराठा समुदाय को ओबीसी में शामिल किया गया तो 52% जनसंख्या वाले ओबीसी समुदाय को नुकसान उठाना होगा, जिसके चलते न ओबीसी और न ही मराठा समुदाय को इस आरक्षण का लाभ मिलेगा, इसलिए मराठा समुदाय के लिए अलग से व्यवस्था लागू किए जाने की मांग की है.

इस अवसर पर सुनील तुकाराम नेरकर, सतीश महाले बालू महाजन, राजेंद्र चित्तौड़गढ़, दिलीप देवरे, मुस्ताक पिंजारी,  संदीप अमृतकर आदि ने विभिन्न मांगों का ज्ञापन डीएम यादव को सौंपा है.