कोरोना लहर को देखते हुए ऑक्सीजन टैंक जल्द करें शुरू: गमे

  • संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में कोरोना रोकथाम पर समीक्षा बैठक

जलगांव कोरोना वायरस (Corona virus) की दूसरी लहर को देखते हुए दुनिया भर के कई देशों में लॉकडाउन  हो गया है. देश के कुछ राज्यों में प्रतिबंध लगाए गए हैं. जिला प्रशासन को भी  लहर की रोकथाम के लिए सतर्कता बरतनी चाहिए. इसके साथ ही भविष्य में  खतरे से बचने के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन टैंक को जल्द से जल्द  कार्यान्वित किया जाए. ऐसेा निर्देश नाशिक  संभागीय आयुक्त  राधाकृष्ण  गमे ने दिया है. 

राधाकृष्ण गमे की अध्यक्षता में कोरोना संबंधी रोकथाम पर एक समीक्षा बैठक हुई. इस समय वे  बोल रहे थे. इस समय जिलाधिकारी  अभिजीत राउत, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. बी. एन. पाटिल, जिला पुलिस अधीक्षक प्रवीण मुंडे, महानगर पालिका  आयुक्त सतीश कुलकर्णी, उपायुक्त अर्जुन चिखले, अपर जिलाधिकारी प्रवीण महाजन, सरकारी मेडिकल कॉलेज के  डीन  डॉ. जयप्रकाश रामानंद, जिला सिविल सर्जन एनएस चव्हाण, निवासी डिप्टी कलेक्टर राहुल पाटिल, नोडल अधिकारी तुकाराम हुलवाले, बीजे पाटिल व डॉ. रायलानी आदि उपस्थित थे.  आयुक्त गमे  ने  कहा कि जलगांव जिले में वर्तमान में कोरोना वायरस के रोगियों की संख्या घट रही है. मृत्यु दर भी नियंत्रण में आ रही है, लेकिन इसे और कम करने की आवश्यकता है. जिले में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए किए गए उपाय सराहनीय हैं, फिर भी प्रशासन को लापरवाह  नहीं रहना है.  जिला प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहना चाहिए. 

कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए परीक्षणों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए और संक्रमित रोगियों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाया जाना चाहिए.  सरकारी मेडिकल कॉलेज की प्रयोगशाला का  पूरी क्षमता से  उपयोग कर अधिक से अधिक परीक्षण किए जाने चाहिए. इसके साथ ही यह भी  ध्यान में  रखना  चाहिए कि कोरोना  परीक्षण रिपोर्ट प्रलंबित न रहे. 

‘मेरा परिवार- मेरी जिम्मेदारी ‘ अभियान के दौरान पाए जाने वाले कोमॉर्बिड और उच्च जोखिम वाले रोगियों के संपर्क में रहें. यदि आवश्यक हो तो उन्हें अस्पताल ले जाना चाहिए. हालांकि कोमॉर्बिड रोगियों में कोई लक्षण नहीं हैं. उनके  संपर्क में रहकर उन पर  निगरानी की जानी चाहिए. राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार, बाहरी  राज्यों से आने वाले नागरिकों की सख्ती से जांच की जानी चाहिए.  उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि गैर-कोविड  रोगियों को समय पर उपचार मिलने की दृष्टि से भी स्वास्थ्य विभाग सचेत रहे.  स्कूल शुरू करने के लिए उचित योजना बनाई जानी चाहिए. यदि स्कूल शुरू होने के बाद छात्र प्रभावित होते हैं, तो उनके उपचार के लिए अलग वार्ड की योजना बनाई जानी चाहिए. बिना मास्क के चलने वाले नागरिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. उनसे जुर्माना वसूला जाए. विक्रेताओं को उन ग्राहकों को अनुमति नहीं देनी चाहिए, जो बिना मास्क के खरीदारी करने आते हैं. दुकान वालों को ग्राहकों से सख्ती से मास्क लगाने को कहना चाहिए. आयुक्त ने फेरीवालों का भी कोरोना टेस्ट करवाने का निर्देश दिया. 

जिलाधिकारी  राउत ने कहा कि जलगांव जिले में कोरोना वायरस के रोगियों की संख्या घट रही है. मृत्यु दर में भी कमी आ रही है. फिर भी  प्रशासन सतर्कता बरते  हुए है. गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज सहित अन्य कोविड  केंद्रों में बेड पर्याप्त मात्रा में  है. जिला अस्पताल में गैर-कोविड रोगियों के लिए सुविधाएं प्रदान करने के लिए जल्द ही एक निर्णय लिया जाएगा और  मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन टैंक जल्द से जल्द चालू कर दिया जाएगा. यहां बीएन पाटिल, सतीश कुलकर्णी, सिविल सर्जन चौहान, एसपी मुंडे  ने भी उपाय योजनाओं के बारे में जानकारी दी.