10 लाख नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण पूर्ण

  • 2 हजार 532 टीमें घर-घर जाकर कर रहीं लोगों की जांच
  • मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी ‘अभियान
  • जिला अधिकारी राऊत ने दी जानकारी

जलगांव. कोरोना वायरस के प्रकोप को कम करने के लिए राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी अभियान के तहत जलगांव जिले में अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों में 10 लाख 31 हजार 241 लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया है. इस तरह की जानकारी ज़िलाधिकारी अभिजीत राऊत ने दी है.

राज्य सरकार ने 15 सितंबर से जिले में मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी ’अभियान शुरू किया है. व्यापक पैमाने पर जलगांव जिले में अभियान शुरू हो गया है. स्वास्थ्य जांच के लिए जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग द्वारा 2 हजार 532 टीमों को नियुक्त किया गया है. टीम में एक स्वास्थ्य कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रदान किए गए दो स्वयंसेवक शामिल हैं

स्वास्थ्य विभाग की टीमें जलगांव जिले के 15 तालुका में 6 लाख 50 हजार 602 घरों का दौरा करेंगी और 10 अक्टूबर, 2020 तक 29 लाख 21 हजार 401 नागरिकों की जांच करेंगी. रोजाना कम से कम 50 घरों का दौरा करेंगी. घर के सदस्य की तापमान, ऑक्सीजन और कोमोरिड की जांच करेंगे. बुखार, खांसी, सांस की तकलीफ, ऑक्सीजन की कमी, कोविड जैसे लक्षण पाए जाने पर  नागरिकों को निकटतम बुखार क्लिनिक में भेजा जाएगा. कोमॉर्बिड रोगी नियमित रूप से दवाइयां ले रहे हैं या नहीं, इसकी भी जांच दल करेगा. जहां आवश्यक हो वहां नागरिकों को दवा के लिए भी भेजा जाएगा.  हर पांच से दस टीमों के लिए एक चिकित्सा अधिकारी उपचार और रेफरल सेवाएं प्रदान करने नियुक्त किया गया है.

स्वास्थ्य टीम ने किया 2 लाख, 36 हजार घरों का दौरा

जलगांव जिले में स्वास्थ्य टीमों ने अब तक 2 लाख 36 हजार 479 घरों का दौरा किया है और 10 लाख 31 हजार 241 नागरिकों के स्वास्थ्य की जांच की है. अध्ययन में 9 हजार 182 रोगियों में उच्च रक्तचाप, हृदय रोग के 1 हजार 246, कैंसर के 176, मधुमेह के 6 हजार 545, अस्थमा के  760, गुर्दे की बीमारी के 203, तपेदिक के 1,216, मोटापे के साथ 1,216 और अन्य बीमारियों के 1,755 मरीज मिले हैं.

जिला स्वास्थ्य अधिकारी पटोडे ने कहा कि बुखार या कम ऑक्सीजन के स्तर वाले मरीजों को निकटतम बुखार क्लिनिक में भर्ती कराया जा रहा है. उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए नागरिकों को मास्क पहनना चाहिए.  बिना मास्क के बाहर न निकलें. हर दो से तीन घंटे में हाथों को साबुन या सैनिटाइजर से धोएं. नाक, मुंह और आंखों को बार-बार न छूएं.  बुखार, सर्दी, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ, थकान होने की स्थिति में बुखार के क्लिनिक में तुरंत जाएं और जांच करवाएं.

सर्दी, खांसी व गले में खराश की स्थिति में डॉक्टर को दिखाएं

पुरानी बीमारियों का उपचार जारी रखे. इसे टूटने न दें, नियमित रूप से डॉक्टर से जांच करवाएं. आगे की दवा डॉक्टर की सलाह से लें और अपनी मर्ज़ी से  मेडिकल स्टोर की दवा लेने से परहेज करें.

कोविड पॉजिटिव व्यक्ति अस्पताल से 10 दिनों के बाद छूटने पर 7 दिन घर में  रहेगा.ऐसे व्यक्ति सतत मास्क लगाएं. कमरे के बाहर न निकलें. दो घंटे में हाथों को स्वच्छ करें. टॉयलेट, बाथरूम की व्यवस्था करें,

कपड़े और बर्तनों को अलग-अलग इस्तेमाल किया जाए.  बुखार या थकान महसूस होने पर तत्काल अस्पताल में भर्ती कराने के निर्देश जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. बी. एन. पाटील ने नागरिकों को दिए हैं.