किसान आंदोलन के समर्थन में भूख हड़ताल

जलगांव. किसान विरोधी कानूनों को तत्काल निरस्त करने की मांग को लेकर किसान पिछले 18 दिनों से दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों के समर्थन में जलगांव जिला अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति ने जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक  एक दिवसीय अन्न त्याग आंदोलन किया। किसानों के समर्थन में जलगांव जिले के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने एक दिवसीय अन्न त्याग आंदोलन किया और किसानों की मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग केंद्र सरकार से की है।

हड़ताल में शामिल कार्यकर्ता

इस आंदोलन में महाराष्ट्र राष्ट्रवादी कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रदेश अध्यक्ष गफ्फार मलिक, लोक संघर्ष के सचिन धांडे, आंबेडकरवादी समिति के मुकुंद सपकाले, मराठा महासंघ के  सुरेंद्र पाटिल व सुरेश पाटिल, लेवा पाटीदार समाज के अमोल कोल्हे, मानियार बिरादरी के प्रदेशाध्यक्ष फारुक शेख, ईकरा एज्युकेशन सोसायटी के करीम सालार, ह्यूमन फाउंडेशन रिजवान जागीरदार, कांग्रेस के मुफ़्ती हारून, शिवसेना नगरसेवक  प्रशांत नाईक, सावरकर रिक्शा यूनियन के दिलीप सपकाले,  रेखा देवकर, अंजली कुलकर्णी, शबाना खटिक , कहेकशा अंजुम, प्रीतिलाल पवार,छावा प्रमोद पाटिल, लोकसंघर्ष मोर्चा भरत कर्डीले, किरण वाघ, अयाज अली, श्रीकांत मोरे, सैयद रेहान,  किसान सभा रामधन पाटिल,खुशाल चौहान, नाना महाले, अलीखालील बागवान चंदन ईश्वर नवगिरे राम पवार आदि उपस्थित थे।

धुलिया में भी केंद्र सरकार के अड़ियल रवैये पर आक्रोश

किसानों के समर्थन में धुलिया में राजनीतिक कार्यकर्ता तथा सामाजिक कार्यकर्ता सड़क पर उतर गए हैं। इन लोगों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कहा कि सरकार किसानों की बात मानें, वरना देश को गंभीर समस्या का सामना करना पड़ सकता है। राजधानी में किसानों का जो आंदोलन चल रहा है, इसे तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए।

इस तरह की मांग जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर की गई है। धुलिया में सभी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं और किसान समर्थक व्यक्तियों ने केंद्र के अड़ियल रवैये पर रोष प्रकट करते हुए जिला प्रशासन से कहा कि किसान अपने अधिकारों के लिए राजधानी में 18 दिनों से लड़ रहे हैं। तत्काल कानून को रद्द किए जाने की मांग ज्ञापन सौंपकर प्रकाश चौहान हेमंत मदाने एम.जी. धिवरे दीपक सोनवणे प्रशांत वाणी आदि ने की है।