In case of emergency in Dhulia, use Oxygen, Remediviser with caution. Physician, DM

    धुलिया. कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते धुलिया जिले (Dhulia District) में इमरजेंसी (Emergency) जैसे हालत निर्माण हो गए है। जिलाधिकारी डॉ. संजय यादव (Dr. Sanjay Yadav) ने चिकित्सकों, अधिकारियों और दवाइयों की आपूर्ति करने वाले विक्रेताओं को ऑक्सीजन (Oxygen)और दवाइयों (Medicines) का इस्तेमाल सावधानीपूर्वक करने के निर्देश दिए हैं। जिले में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अगले कुछ दिन कठिन और इम्तिहान लेने वाले हैं। 

    इस अवधि के दौरान ऑक्सीजन और दवा की कमी महसूस की जा सकती है। हालांकि जिला प्रशासन चिकित्सा पेशेवरों के पीछे मजबूती से खड़ा है, ऑक्सीजन और दवाओं की आपूर्ति बाहर से की जाती है। आने वाले समय में उनकी कमी हो सकती है। इन सभी स्थितियों को देखते हुए चिकित्सा पेशेवरों को कम से कम 24 घंटे की न्यूनतम आपूर्ति बनाए रखते हुए देखभाल के साथ ऑक्सीजन और आवश्यक दवाओं का उपयोग करें। जिलाधिकारी संजय यादव ने योजना बनाने की अपील की है।

    एक-दूसरे की मदद के लिए तैयार रहें

    कलेक्टर यादव ने कहा कि धुलिया-नंदुरबार जिले में ऑक्सीजन का एकमात्र आपूर्ति ठेकेदार है। जिले में ऑक्सीजन गैस की मांग 12.5 टन है। इसी तरह की हालत रेमडेसिवीर इंजेक्शन की है। समिति के माध्यम से इन इंजेक्शनों की आपूर्ति की जा रही है। इस समिति में जिला सर्जन, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, चिकित्सा पेशेवरों के प्रतिनिधि, केमिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधि शामिल हैं। समिति रोज आने वाले स्टॉक का वितरण कर रही है। इसकी जानकारी आम जनता तक पहुंचाई जा रही है। फिलहाल स्थिति कठिन और परेशान करने वाली है। ऐसी स्थिति में सभी एक-दूसरे की मदद के लिए तैयार रहें। यादव ने बढ़ती मरीज संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमित कई मरीजों का इलाज निजी अस्पतालों में किया जा रहा है। यदि मरीजों की संख्या में वृद्धि जारी रही तो ऑक्सीजन और दवाओं की कमी का अनुभव होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में सभी को सतर्क रहने और हालात से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए।

    24 घंटे दवा का स्टॉक रहना आवश्यक

    चिकित्सकों को संबोधित करते हुए डीएम यादव ने कहा कि आपके पास ऑक्सीजन और दवा की कम से कम 24 घंटे की आपूर्ति का स्टॉक रहना आवश्यक है। कई मरीज जरूरत न होने पर घर पर ही ऑक्सीजन सिलेंडर ले रहे हैं। ऐसे मरीजों का पता लगा कर उन्हें  उपचार के लिए सरकारी कोविड देखभाल केंद्र, डेडिकेटेड कोविड हेल्थ हॉस्पिटल में भर्ती कराया जाना चाहिए। जरूरत नहीं होने पर भी अनेक चिकित्सक और  मरीज बिना सोचे-समझे रेमडेसिवीर इंजेक्शनों का मरीजों पर इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसके चलते जरूतमंद इमरजेंसी मरीजों को इंजेक्शन की आपूर्ति नहीं हो रही। बहुत लोग इन दवाओं की खुराक ले रहे हैं, जबकि आवश्यकता नहीं है।

    4 जगह ऑक्सीजन टैंक संचालित करने निर्देश

    डीएम ने बताया कि ऑक्सीजन और इंजेक्शन के दुरुपयोग की संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता है, इसलिए ऑक्सीजन और इंजेक्शन की कमी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। ऑक्सीजन की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए एक ऑक्सीजन अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें सभी अस्पतालों से संपर्क रखना चाहिए और ऑक्सीजन की उपलब्धता के बारे में समय पर रिपोर्ट सौंपनी चाहिए। यादव ने कहा कि साथ ही, बड़े अस्पतालों को कोरोना वायरस के कारण होने वाली महामारी से निपटने के लिए समन्वय से काम करना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ने जिले में चार स्थानों पर ऑक्सीजन टैंक संचालित करने का निर्देश दिया है। जिला कलेक्टर ने जिला सर्जन को दो दिनों के भीतर  प्रस्ताव प्रस्तुत करने कहा है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वनमथी सी ने कहा कि चिकित्सा पेशेवरों को सावधान रखें ताकि रेमडेसिवीर का दुरुपयोग न किया जा सके।