साधू-संतों की सीख से नेक काम करने की प्रेरणा मिलती है

अहमदनगर. कोरोना महामारी के कारण जीवन जीने के तौर तरीकों में काफी बदलाव आ गए हैं. उसी तरह जीवनशैली में भी काफी बदलाव आ गए हैं. मानवसेवा के संस्कार से आनंदधाम में शुरू अन्नछत्र का कार्य साधू-संतों को अभिप्रेत होने वाली मानव सेवा है.इस अन्नछत्र के माध्यम से गरीबों को केवल 10 रुपए में पौष्टीक भोजन उपलब्ध कराया गया है. आनंदधाम एक पवित्र संस्कार का केंद्र है.साधू-संतों के विचार और सीख हमेशा ही नेक काम करने की प्रेरणा देते हैं. ऐसे विचार जय आनंद महावीर युवक मंडल के अध्यक्ष शैलेश मुनोत ने व्यक्त किया.

10 रुपए में भोजन की सुविधा 

कोरोना लाकडाऊन के समय से गरीब, बेसहारा, जरूरतमंद अप्रवासी मजदूरों को ममता का निवाला देकर उन्हें जीने के लिए नई उम्मीद देनेवाले आनंदधाम फाउंडेशन ने 10 रुपए में सभी के लिए पौष्टीक भोजन की सुविधा शुरू की है. विगत महीनों से यह सेवा अविरत रूप से शुरू है. चातुर्मास के उपलक्ष्य में जय आनंद महावीर युवक मंडल ने इस कार्य के लिए आर्थिक मदद दी है. इस अवसर पर मंडल के अध्यक्ष शैलेश मुनोत, आनंदधाम फाउंडेशन के अभय लुणिया, आनंद चोपडा, बाबूलाल गांधी, अजीत गांधी, सत्येन मुथा, अमित गांधी, योगेश मुनोत आदि इस समय उपस्थित थे. अभय लुणया ने बताया कि आनंदधाम में प्रतिदिन सुबह 11 से दोपहर 2 बजे के दौरान अन्न सेवा शुरू रहेगी.यहां पर केवल 10 रुपए में 3 चपाती,दो तरह की सब्जी,चटनी, पार्सल रूप में दिया जाता है. जिसके कारण गरीब, बेसहारा, जरूरतमंद लोगों को काफी सुविधा उपलब्ध हुई है.