झंवर के कार्यालय में मिला महाजन का लेटरहेड

  • बीएचआर पतसंस्था घोटाले में आर्थिक अपराध शाखा की कार्रवाई
  • कागजात लेकर जांच टीम पुणे रवाना
  • फरार मास्टरमाइंड कंडारे का ड्राइवर गिरफ्तार

जलगांव. पुणे आर्थिक अपराध शाखा ने शहर के एमआईडीसी क्षेत्र स्थित भाईचंद हीराचंद रायसोनी पतसंस्था के मुख्यालय पर छापामार मुहिम चलाई. पतसंस्था में हुए घोटाले की जांच तीन दिन हो रही थी. उसके बाद सबूतों के आधार पर जमा किये ट्रक भर कागजात लेकर अपराध शाखा की 135 लोगों की टीम पुणे रवाना हो गई.

फरार आरोपी सुनील झंवर के कार्यालय से भी अफसरों ने एक बोरा भरकर चेक और कुछ कागजात जब्त किए हैं. इन  कागजातों में पूर्व मंत्री तथा विधायक गिरीश महाजन का एक लेटरहेड भी मिला है. इस बात को लेकर यहां महाजन और बीएचआर के कनेक्शन को लेकर चर्चा शुरू हो गयी है. भगोड़े मास्टरमाइंड जितेंद्र कंडारे के ड्राइवर को भी गिरफ्तार कर लिया गया है.

बीएचआर के प्रधान कार्यालय से 500 से अधिक कंप्यूटर, फाइलें, दस्तावेजों के साथ-साथ संदिग्ध सुनील झंवर के रमेश मोटर ड्राइविंग स्कूल के कार्यालय से दस्तावेज, कंप्यूटर और अन्य सामग्रियों को सील कर एक ट्रक से पुणे ले जाया गया है.  जलगांव की बीएचआर पतपेढ़ी में गबन को लेकर शिकायतें सामने आई थीं.

चार आरोपियों को 9 दिन की पुलिस हिरासत 

शिकायत दर्ज होते ही पुणे की आर्थिक अपराध शाखा की विशेष टीम यहां पहुंची और उपायुक्त भाग्यश्री नवटके के नेतृत्व में  जलगांव शहर में छापामार मुहिम चलाई. अफसरों की टीम ने आरोपी जितेंद्र कंडारे, विवेक ठाकरे, सुनील झंवर, महावीर जैन और धरम सांखला के घरों समेत कार्यालयों पर छापे मारे. इस दौरान टीम ने आरोपी सुजीत बाविस्कर (वाणी), धरम सांखला, महावीर जैन और विवेक ठाकरे को शनिवार को ही गिरफ्तार कर लिया था. इन चारों आरोपियों को 9 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.

राजपत्रित अधिकारियों के 100 सिक्के जब्त

राजपत्रित अधिकारियों के 100 सिक्के जब्त करने के बाद सुनील झंवर के कार्यालय से महानगर पालिका और वॉटर ग्रेस कम्पनी से संबंधित कागजात अधिकारियों को मिले. इस समय इन कागजातों के साथ पूर्व मंत्री तथा विधायक गिरीश महाजन का लेटरपैड भी बरामद किया गया. सभी कागजात अधिकारियों ने पंचों के सामने जब्त कर लिए हैं. जांच अधिकारी नवटके ने कहा कि यह तो जांच पड़ताल के बाद ही स्पष्ट होगा कि किसके नाम का कागज किस बात के लिए इस्तेमाल में लाया जा रहा था.

दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई

सुनील झंवर पूर्व जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन का करीबी माना जाता है. व्यापार, दोस्तों और राजनीतिक लोगों से संबंधों के लिए भी झंवर पहचाना जाता है. यहां महाजन का लेटरहेड मिलने से कइयों की भौंहें तन गयी हैं. जांचकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि जांच पड़ताल, दस्तावेजों, साक्ष्यों और बीएचआर की संपत्ति और नकदी के दुरुपयोग के दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इस प्रकरण से संबंधित किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा.