राजस्व विभाग का महाराजस्व अभियान, गांव जाकर बांटे सरकारी प्रमाण-पत्र

  • विधायक शिरीष ने की कार्य की सराहना
  • पटवारी भवन का हुआ लोकार्पण

रावेर. शासन  की महत्वाकांक्षी योजना महाराजस्व अभियान के तहत विभिन्न प्रकार के सरकारी प्रमाण-पत्र अधिक से अधिक गांवों में पहुंचाकर आदिवासियों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इसके चलते ग्रामीणों के समय और पैसों की बचत होगी. राजस्व प्रशासन द्वारा अच्छा काम किया जा रहा है. उनका कार्य सराहनीय है. इस तरह का वक्तव्य शिरीष चौधरी ने शासन के  महाराजस्व अभियान के तहत रावेर तहसील के पाल ग्राम में आदिवासी कस्बे में विभिन्न प्रकार के प्रमाण-पत्रों के वितरण के समय दिया. इस दौरान एसडीएम अशोक कडलक, तहसीलदार उषाराणी देवगुणे, सरपंच हजराबाई तडवी, उपसरपंच राजू चौधरी आदि मौजूद थे. विधायक ने इस मौके पर पटवारी भवन का भी लोकार्पण किया.

प्रमाण-पत्रों का वितरण

विधायक शिरीष चौधरी के हाथों महाराजस्व अभियान के तहत 537 जाति प्रमाण-पत्र, 54 राशन कार्ड, 29 आधार कार्ड, 2 वनदावा, 5 कुटुंब अर्थसहाय  चेक लाभान्वित आदिवासी परिवारों को वितरित किए गए. वहीं  कोरोना अवधि में उल्लेखनीय योगदान और कार्य करने के कारण आशा वर्कर को कोरोना योद्धा के प्रमाण-पत्र से सम्मानित किया गया. कार्यक्रम की प्रस्तावना तहसीलदार उषाराणी देवगुणे ने रखी.

आदिवासी क्षेत्रों में सेतु सुविधाओं की कमी

एसडीएम अशोक कडलक ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में सेतु  सुविधाओं की कमी के कारण हर किसी को विभिन्न प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए तहसील कार्यालय अथवा शहर के सेतु सुविधा केंद्र पर जाना पड़ता था. आदिवासियों की समस्याओं को कम करने के लिए सरकार ने राजस्व प्रशासन द्वारा महाराजस्व अभियान चलाया है. इस अभियान के कारण आदिवासियों को उनके घर बैठे सभी प्रकार के प्रमाण-पत्र मिल रहे हैं. उनकी भागदौड़ थमी है. उनके चेहरे पर मुस्कान ही इस अभियान की सफलता है.